ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट, चांपी, घरवाटांड़, सरहचीया, उलगड्डा सहित आस पास के ग्रामीण महिलाओं ने बीते 5 सितंबर को नहाए खाए के साथ हरतालिका तीज व्रत का व्रत रखी।
जानकारी के अनुसार 6 सितंबर को उपरोक्त सभी ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने विधि विधान से उपवास कर कोई मंदिरों में और कोई अपने घरों में भगवान भोलेनाथ, मां पार्वती का प्रतिबिंब तस्वीर लगाकर तथा ब्राह्मण बुलाकर भगवान भोलेनाथ एवं मां पार्वती की पूजा अर्चना की।
हरतालिका तीज व्रत के बारे में पुजारी राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि यह व्रत भादो माह के शुक्ल पक्ष तृतीया को किया जाता है, जिसमें सौभाग्यवती महिलाएं इस व्रत को करती है। उन्होंने बताया कि व्रत में फल, फूल, प्रसाद, वस्त्र, खीरा, ककड़ी आदि प्रसाद से शौभाग्यवती पूजा करती है।
पुजा करने में महिलाएं एक साथ मिलकर भजन कीर्तन करती है और रात को जागरण भी करती है। पूजा बाद महा आरती के साथ पूजा संपन्न होता है। इसके बाद महिलाऐं रात भर जागरण कर दूसरे दिन समीप के नदी, तलाब में हवन पूजा सामग्री को प्रवाहित करती हैं।
पुजारी ने बताया कि तीज व्रत एक आस्था का पर्व है, जो सौभाग्यवती महिलाओं के द्वारा किया जाता है। बताया कि यह पूजा मां पार्वती अपने पति भोलेनाथ के लिए की थी, जो आज भी हिंदू समाज के महिलाओ ने अखंड व्रत रखकर पूजा करती है और भगवान शंकर पार्वती का कथा को सुनती है। इस कथा में कहा गया है कि इस व्रत को करने से पति की लंबी उम्र होती है एवं घर में सुख शांति आती है।
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