केंद्रीय वन पर्यावरण सुरक्षा सह प्रबंधन समिति की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड में जंगली हाथियों के हमलों से होने वाली मौतों पर मुआवजा राशि बढ़ाने की लंबे समय से उठ रही मांग को आखिरकार सरकार ने स्वीकार कर लिया है। केंद्रीय वन पर्यावरण सुरक्षा सह प्रबंधन समिति झारखंड द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री एवं पीसीसीएफ को ज्ञापन देकर मृतकों के आश्रितों को मिलने वाली सहायता राशि ₹4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने तथा घायलों को 4 लाख रुपये देने की मांग की गई थी।
इस संबंध में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा कि अब जंगली जानवर, विशेषकर हाथियों के हमले में जान गंवाने वाले के आश्रितों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। सरकार के इस निर्णय से राज्य के ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले रहिवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
समिति के उपाध्यक्ष विष्णु चरण महतो ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत करते हुए उन्हें साधुवाद दी है। उन्होंने 20 अप्रैल को कहा कि यह निर्णय पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित होगा और सरकार का यह कदम सराहनीय है।
उपाध्यक्ष महतो ने कहा कि समिति लंबे समय से जंगली हाथियों के हमले में मारे गए रहिवासियों के परिवारों के लिए उचित मुआवजा बढ़ाने की मांग कर रही थी। मुख्यमंत्री ने हमारी मांग को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा में इसे स्वीकार किया, इसके लिए उनका हृदय से आभार है। कहा कि यह निर्णय प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देने के साथ-साथ उनके दर्द को कुछ हद तक कम करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि समिति आगे भी वन क्षेत्रों में रहने वाले रहिवासियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी।
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