आदिवासीयत अपनाकर लें जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संकल्प-डीसी
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 22 अप्रैल को बोकारो हवाई अड्डा से गरगा नदी तट अमृत पार्क तक स्वच्छता यात्रा का आयोजन किया गया। स्वच्छता यात्रा में बोकारो जिला उपायुक्त (डीडीसी), अपर समाहर्ता (एसी), नगर निगम चास के मेयर, उप मेयर सहित सैकड़ो की संख्या में गणमान्य व् रहिवासी शामिल थे।
ज्ञात हो कि स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से बीते 14 अप्रैल से बोकारो जिले में मेगा स्वच्छता अभियान प्रारंभ किया गया था। यह अभियान 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम के साथ संपन्न हो गया।
समापन दिवस पर उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता (एसी) मो. मुमताज अंसारी, चास नगर निगम के मेयर भोलू पासवान एवं उप मेयर पूजा कुमारी सहित जन प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने गुब्बारे उड़ाकर बोकारो एयरपोर्ट से गरगा पुल तक पैदल यात्रा (वाकाथान) का शुभारंभ किया गया। वाकाथान के उपरांत गरगा नदी तट पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान डीसी, डीडीसी सहित जिला स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्वयं झाड़ू उठाकर श्रमदान किया।
नमामि गंगे स्वच्छता अभियंता जिला प्रशासन द्वारा आयोजित अभियान को सफल बनाने में योगदान देने वाले सफाई मित्रों, लायंस क्लब, दामोदर बचाओ आंदोलन सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ हीं बोकारो को स्वच्छ रखने का संकल्प दिलाया गया।
मौके पर अमृत पार्क में आयोजित समारोह में उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मेगा स्वच्छता अभियान का शुभारंभ तथा आज विश्व पृथ्वी दिवस पर इसका समापन हो रहा है। कहा कि यह अभियान समाप्त नहीं हो रहा है, बल्कि इसे नियमित रूप से जारी रखना है।
उन्होंने कहा कि आने वाले मई माह में गंगा दशहरा पर गरगा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी घरों से रहिवासी शामिल होंगे। कहा कि बोकारो को स्वच्छ रखना सभी बोकारोवासी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कहा कि यदि प्रकृति को बचाना है, तो हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। हम सभी मानते हैं कि सौरमंडल में सूर्य केंद्र में है और कई ग्रह परिक्रमा कर रहे है, परंतु जीवन केवल पृथ्वी पर ही संभव है। इस कारण पृथ्वी का महत्व सर्वोपरि है। इसे संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
डीसी ने कहा कि बिरसा मुंडा ने कम आयु में अपने प्राण त्याग दिए, लेकिन आज भी उन्हें धरती आबा (पिता) के रूप में याद किया जाता है। कहा कि आदिवासी समाज का जीवन जल, जंगल और जमीन से जुड़ा हुआ है तथा वे प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि हम भी अपने भीतर आदिवासी भावना और आदिवासियत के गौरव को आत्मसात करें, ताकि प्रकृति संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बना सकें, क्योंकि आदिवासी समाज सृष्टि के आरंभ काल से अबतक जल, जंगल तथा जमीन के रक्षक रहे है।
उन्होंने कहा कि हम सभी इस धरती पर सांस ले रहे हैं, इसलिए इसे सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है। हमें यह समझना होगा कि हम अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण के प्रति कितने प्रतिबद्ध हैं और अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किस प्रकार कर रहे हैं। कहा कि इस वित्तीय वर्ष में जिले में दो से तीन लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है तथा बोकारो को प्लास्टिक कचरे से मुक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा।
वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बताते हुए उपायुक्त ने कहा कि इस वर्ष होने वाली वर्षा के जल को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। हर गांव का पानी गांव में, स्कूल का पानी स्कूल परिसर में तथा अपार्टमेंट का पानी उसी परिसर में संरक्षित किया जाएगा। वर्षा जल को नदी में नहीं जाने दिया जायेगा।
कहा कि इसके लिए वर्षा जल संचयन (वाटर हार्वेस्टिंग) को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। जहां इसकी व्यवस्था नहीं है, वहां रहिवासियों को पहले जागरूक किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई, जिसका सभी ने सामूहिक रूप से दोहराव किया गया। जिसमें क्षेत्र के दामोदर – गरगा नदी व् विभिन्न जल स्रोतों तटीय स्थान को साफ-सुथरा रखने एवं रहिवासियों को भी स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करने, नदियों तथा सड़को व् नालियों में कूड़ा – कचरा व पॉलिथिन नहीं डालने, पर्यावरण संरक्षण के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने, कपड़े के थैले का प्रयोग करने, अपने घर के गंदे पानी के निपटान के लिए सोख्ता गड्ढा बनाने, विभिन्न जल स्रोतों में पूजा सामग्री व् केमिकल से बनी मूर्तियाँ विसर्जित नही करने, पूजा सामग्री को पौधों के लिए खाद के रूप में प्रयोग में लाने तथा खुले में शौच के स्थान पर हीं शौचालय का प्रयोग करने की शपथ दिलायी गयी।
मौके पर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार ने स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने पर बल दिया तथा कहा कि छोटे-छोटे समूह अगर प्रयास करे तो यह धरती पुरी तरह स्वच्छ हो सकता है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे क्षेत्रों को चिन्हित कर नियमित सफाई से बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी ने भी स्वच्छता पर जोर दिया।

वहीं चास नगर निगम के मेयर भोलू पासवान ने अभियान में कम उपस्थिति पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि गंदगी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता बेहद जरूरी है। प्रत्येक रहिवासी को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। उप मेयर पूजा कुमारी ने कहा कि स्वच्छता अभियान को घर-घर तक पहुँचाना आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन नमामि गंगे के नोडल पदाधिकारी शक्ति कुमार ने किया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित बोकारो निर्माण का संकल्प लिया।
मौके पर उपरोक्त के अलावा डीएलओ द्वारिका बैठा, डीपीआरओ रवि कुमार, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी राम प्रवेश राम, जिला शिक्षा अधीक्षक अतुल कुमार चौबे, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, सिविल डिफेंस, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, लायंस क्लब,रोटरी क्लब के प्रतिनिधि, रामरुद्र स्कूल चास के एनसीसी एयर टीम के दर्जनों छात्र, इंस्ट्रक्टर, सफाई कर्मी आदि उपस्थित थे।
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