एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। छठब्रतियों के सुविधा के लिए सरकार द्वारा निर्गत राशि को भी प्रशासन (Administration), ठेकेदार एवं विचौलिया की तिकड़ी द्वारा लूटा जा रहा है। यह बर्दाश्त से बाहर है। प्राप्त प्रबंध राशि का सही इस्तेमाल हो, अन्यथा महिला संगठन ऐपवा आंदोलन चलाने को मजबूर होगी।
इस आशय की जानकारी देते हुए 9 नवंबर को ऐपवा जिलाध्यक्ष सह माले नेत्री बंदना सिंह ने कहा कि लगातार मांग करने पर राज्य सरकार (State government) द्वारा छठ घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरीकेडिंग आदि के लिए नगर निगम को 2 लाख, नगर परिषद को 1 लाख 50 हजार, नगर पंचायत को 1 लाख रूपये प्रबंध राशि दिया गया है। इसके बाद भी कहीं भी घाट पर कोई इंतजाम शुरू भी नहीं किया गया है। इसकी जानकारी शिकायती आवेदन से अनुमंडलाधिकारी को भी दिया गया है।
उन्होंने कहा कि थक हारकर ग्रामीण अपने- अपने क्षेत्र के घाटों, सड़कों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरीकेडिंग आदि में लगे हुए हैं, जबकि इस कार्य को प्रशासन द्वारा कराया गया कार्य दिखाकर उक्त राशि लूटने की साजिश की जा रही है।
महिला नेत्री सिंह ने कहा कि छठब्रतियों के नाम पर राशि की बंदरबांट के खिलाफ अन्य संगठनों एवं दलों को भी सामने आना चाहिए। ऐपवा इस लूट की सर्वदलीय जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग करती है।
उन्होंने छठ घाट की साफ-सफाई, पानी में टली- चूना डालने, छिड़काव करने, बैरिकेटिंग, प्रकाश व्यवस्था, मेडिकल टीम, वाच टावर, चैंजिंग रूम, ऐंबुलेंस, अग्निशमन, गोताखोर आदि सुविधा मुहैया कराने की मांग की है।
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