लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा व् गंडक नदियों में लगायी आस्था की डुबकी
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर में कार्तिक पूर्णिमा स्नान मेला के अवसर पर 5 नवंबर को लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा – गंडकी सहित विभिन्न नदियों में पवित्र डुबकी लगायी।
जानकारी के अनुसार पहलेजा घाट पर भी श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में स्नान किया और देवी गंगा के मंदिर में पूजा -अर्चना की। बाबा हरिहरनाथ मन्दिर में भी पूरी चाक -चौबंद सुरक्षा -व्यवस्था एवं सीसीटीवी निगरानी में जलाभिषेक जारी रहा।
बताया जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा को लेकर ब्रह्म मुहूर्त तीन बजे सुबह से सोनपुर के प्रसिद्ध काली घाट, गजेन्द्रमोक्ष घाट, विजय घाट, पुल घाट, सवाइच घाट, धनुष कुटी काली घाट, नारायणी -मही संगम स्थल एवं गंगा – गंडक संगम स्थल सबलपुर के कुमार घाट, बाबा घाट, जगन्नाथ घाट सहित विभिन्न घाटों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगायी।
इस दौरान नमामि गंगे के सभी घाटों पर स्नान के बाद संकल्प आदि विधानों को पूर्ण कर पुरोहितों को दान – दक्षिणा दिया गया। इस पवित्र स्नान के लिए बीते 4 नवंबर की शाम से ही नारायणी एवं गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक आचार्य सुशीलचन्द्र शास्त्री, पंडित पवनजी शास्त्री, भक्त सर्वानंद सिंह सहित पुजारियों के दल ने रात्रि साढ़े बारह बजे धूमधाम एवं गाजे-बाजे के साथ कालीघाट पर चांदी के बाबा हरिहरनाथ के उत्सव विग्रह को स्नान कराया।

इसके बाद बाबा हरिहरनाथ का पूजन, वन्दन, अभिषेक, आरती एवं भोग अर्पित कर अलौकिक सजावट के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन और जलढरी के लिए पट खोल दिए गए।
इस विशेष अवसर पर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। सभी घाटों पर और बाबा हरिहरनाथ मन्दिर में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। वहीं सुरक्षा के लिए निरंतर गश्ती दल सक्रिय रहे। स्काउट गाइड के बच्चे श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन करते दिखाई दिए।
मन्दिर परिसर में कंट्रोल सेंटर बनाकर माईकिंग सिस्टम, खोया-पाया केंद्र और चिकित्सा शिविर की व्यवस्था की गई थी और सीसीटीवी कैमरा लगाया गया, ताकि किसी श्रद्धालु को परेशानी न हो। बाबा हरिहरनाथ मन्दिर में विशेष रूप से आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र नारायणी स्नान के बाद पूजा-अर्चना, मुंडन संस्कार और सत्यनारायण भगवान व्रत कथा कर पारंपरिक अनुष्ठान पूर्ण किया।उक्त अवसर पर हरिहरनाथ मन्दिर से नन्द कुमार बाबा ने कार्तिक मास का महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि कार्तिक माह में पूरे महीने स्नान का बड़ा महत्व है, इस वजह से कार्तिक पूर्णिमा का स्नान सबसे बड़ा स्नान माना गया है। कहा कि कार्तिक माह में भगवान विष्णु मत्स्य रूप में जल में निवास करते हैं। इस वजह से स्नान मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है।
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