देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए तैयार आधा दर्जन स्विस कॉटेज
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेले की तैयारी जोर – शोर से शुरू है। अभी तक सौ से अधिक एक से बढ़कर एक नस्ल के घोड़े मेले में आ चुके हैं। एक दर्जन बैल भी आए हैं। कुत्ता बाजार में भी तैयारी चल रही है।
जानकारी के अनुसार हरिहर क्षेत्र मेला का पूरा नखास एरिया दुकानों से भर गया है, पर उनके निर्माण की तैयारी अभी चल रही है। मेला के प्रशासनिक एरिया अंग्रेजी बाजार में डीएम – एसपी सहित प्रशासनिक अधिकारियों का शिविर और पंडाल निर्माण अभी भी चल रहा है। कई का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। सजाने और संवारने का कार्य जारी है।
पर्यटन विभाग कार्यालय परिसर में देशी एवं विदेशी पर्यटकों के ठहराव के लिए आवासीय व्यवस्था की गई है। आधा दर्जन स्विस कॉटेज बनाए गए हैं। इसकी भव्यता देखने लायक है। मेला एरिया के गाय बाजार स्थित डिज़्नीलैंड मेला परिसर में इस बार मौत का कुंआ का आगमन हुआ है, जो आकर्षण का केंद्र बनेगा। मेला क्षेत्र में दुकानों का लगना, सजना और संवरना जारी है।

पर्यटन विभाग के मुख्य सांस्कृतिक पंडाल और मंच बन रहा है। इसकी भव्यता देखने लायक होगी।
निकट ही सरकारी नखास भूमि में सोनपुर मेला का सबसे बड़ा बाजार आर्ट एंड क्रॉफ्ट ग्राम का निर्माण भी प्रगति पर है। इस ग्राम में 35 स्थायी दुकानें लगेंगी। नखास – ड्रोलिया सिंदूर चौक के बीच एक दर्जन से अधिक कश्मीर, श्रीनगर, जम्मू की गर्म कपड़े की दुकानें इसके अलावा मेला प्रांगण में विविध वस्तुओं के विक्रेताओं की सामग्री भी बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी।
मेले के चिड़िया बाजार मोड़ से लेकर पंजाब नेशनल बैंक के बीच मुख्य सड़क के दक्षिणी किनारे एक दर्जन से अधिक गुड़ की जलेबी की दुकानें सजी हैं और बिक्री शुरू हो चुकी है। मेले में मूंगफली, मुरब्बा, मिट्टी की घिड़नी – सिटी, चूड़ा, मुकुंददाना, छोले – भटूरे, चाट, टिकुली -सिंदूर आदि की खूब बिक्री हुई। स्नान मेले में बांसुरी की धुन भी सुनाई पड़ी। दो दर्जन से अधिक बांसुरी वाले बांसुरी बेचते दिखाई पड़े। मेला में उत्तर प्रदेश के बहराइच की लगभग आधा दर्जन मियां मिठाई की दुकानें भी आ चुकी हैं।

मेले में तीन स्थानों पर चार धाम वैष्णव यात्रा का पंडाल भी बन रहा है। पहली बार राम मंदिर का मेले में दर्शन होगा। करीब एक दर्जन झूले भी लग रहे हैं। काली घाट से गज – ग्राह चौक, मेला नखास एरिया एवं कृषि प्रदर्शनी, पर्यटन विभाग की प्रदर्शनी, थियेटर एरिया, नगीना बाजार, लकड़ी बाजार, कुत्ता बाजार सभी जगह तीव्र गति से कार्य जारी है। जल जमाव वाले क्षेत्रों में सुखी मिट्टी भी डाली जा रही है। आधा दर्जन थियेटर इस बार मेले में तैयार हो रहे हैं। नन्हें बच्चों के कई हाथ झूले भी दिखे, जिस पर बच्चे झूल रहे थे।
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