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गुवा पोस्ट ऑफिस घोटाले से दर्जनों खाताधारक में अफरा-तफरी का माहौल

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में गुआ पोस्ट ऑफिस फिक्स डिपॉजिट घोटाले की खबर सुर्खियों में आने के बाद 28 जुलाई की सुबह गुवा डाकघर में दर्जनों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर हाथ में पासबुक, हर चेहरे पर चिंता, रहिवासी अपने खातो की सच्चाई जानने के लिए डाकघर के गेट पर लाइन लगाकर खड़े हो गए।
बताया जाता है कि घोटाले के सामने आने के बाद आम खाताधारकों के मन में डर समा गया है। कई बुजुर्ग महिलाएं, मजदूर, पेंशनधारी और किसान अपने फिक्स डिपॉजिट या बचत खाता की जानकारी लेने खुद डाकघर पहुंचे।

पोस्ट ऑफिस के वर्तमान पोस्ट मास्टर विवेक आनंद एक-एक ग्राहक का खाता चेक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि, हमारे पास लगातार शिकायतकर्ता पहुंच रहे हैं। अब तक दर्जनों खातों की जांच हो चुकी है। ग्राहकों की भीड़ से स्पष्ट है कि जिन 35 खाताधारको के नाम पहले आए थे, वह केवल शुरुआत थी। बताया कि 28 जुलाई को दर्जनों खाताधारकों ने अपनी पासबुक की जांच करवाई। जांच निरंतर जारी है।

ज्ञात हो कि, इस पूरे घोटाला प्रकरण में जहां प्रशासनिक निष्क्रियता उजागर हो रही है, वहीं आम जनता अब सवाल पूछने लगी है कि आखिर कब तक यह फर्जी पासबुक रैकेट चलता रहा? क्या एक अकेला पोस्टमास्टर इतने बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दे सकता है। डाक विभाग की निरीक्षण प्रणाली इतनी कमजोर क्यों है।

गुवा डाकघर के बाहर खाताधारकों ने कहा कि मेहनत की कमाई लौटाओ, फर्जी पासबुक की जांच करो, डाकघर में भी ठगी? शर्म करो,एक घोटाले से हिला पूरा सिस्टम। गुवा पोस्ट ऑफिस स्कैम अब सिर्फ एक वित्तीय धोखा नहीं, बल्कि एक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक संकट बन गया है। रहिवासी सरकार से गारंटी चाहते हैं सिर्फ पैसों की नहीं, भरोसे की भी।

खाताधारको ने मांग की है कि गुवा पोस्ट ऑफिस में अस्थायी विशेष जांच अधिकारी की तैनाती, सभी खातों की डिजिटल ऑडिट, सीबीआई या सीआईडी स्तर की जांच, पीड़ितों को त्वरित राहत राशि तथा गबनकर्ता की गिरफ्तारी की जाए।

तीन माह में लौटाया जाएगा गबन किया गया राशि-वरिष्ठ डाक अधीक्षक

पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में गुवा डाकघर में करोड़ों रुपये के फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) घोटाले की जांच के लिए सिंहभूम प्रमंडल, रांची के वरीय डाक अधीक्षक उदय भान सिंह खुद गुवा डाकघर पहुंचे। उन्होंने पूरे प्रकरण की प्राथमिक जांच की अगुवाई करते हुए पीड़ित खाताधारकों से मुलाकात की और मीडिया से बात करते हुए भरोसा दिलाया कि जिनका पैसा गबन हुआ है, उन्हें तीन माह के भीतर विभागीय प्रक्रिया के तहत पूरा पैसा वापस दिलाया जाएगा।

वरीय डाक अधीक्षक ने बताया कि अब तक 10 उपभोक्ताओं के साथ ₹48,81,516 की ठगी की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा शुरुआती है। जांच अभी जारी है और गबन की राशि और बढ़ सकती है। इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जा चुका है। सिंह ने कहा कि हमारी प्राथमिकता सिर्फ दोषी को पकड़ना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि जिन ग्राहकों की बचत लूटी गई है, उन्हें हर हाल में न्याय मिले। डाक विभाग पर आमजनों का विश्वास बना रहना चाहिए, यही हमारी जवाबदेही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्लेम फॉर्म भरवाकर ग्राहकों को पैसा दिलवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि पूर्व पोस्टमास्टर विकास कुलिया बीते 20 जून को गुवा से चिड़िया डाकघर स्थानांतरित हुआ था, लेकिन वहां जॉइन नहीं किया। वह तभी से लापता है। घोटाले के सामने आने के बाद पूरे गुवा में हड़कंप मच गया है।खाताधारक अपनी पासबुक लेकर डाकघर पहुंच रहे हैं और विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं।

गुवा डाकघर पहुंचे वरीय अधीक्षक की मौजूदगी ने पीड़ितों को कुछ हद तक सांत्वना और उम्मीद दी है। स्थानीय रहिवासियों की मांग है कि पोस्टमास्टर विकास कुनिया को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। गबन की गई रकम का ब्याज समेत भुगतान किया जाए। डाक विभाग के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो।

गुवा डाकघर स्कैम ने यह साबित कर दिया कि सिर्फ निजी ही नहीं, सरकारी संस्थानों में भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। दूसरी ओर मौके पर जगन्नाथपुर अनुमण्डल पोस्ट ऑफिस से डाक निरीक्षक पदाधिकारी सुमन कुमार सामंता गुवा डाकघर पहुँच जाँच में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की तफ्तीश कर गुवा थाना में मामला दर्ज की जाएगी।

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