प्रहरी संवाददाता/हाजीपुर (वैशाली)। आसन्न लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में बिहार के पांच सीटों पर 20 मई को चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। कहीं से किसी प्रकार की घटना की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार उत्तर बिहार के हाजीपुर सुरक्षित लोकसभा क्षेत्र, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी और सारण लोकसभा क्षेत्र में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ। गत 2019 के लोकसभा चुनाव में इन पांचो सीटों पर एनडीए का कब्जा था।
इस बार एनडीए अपनी इन सीटों को बचाने के लिए जहां मेहनत कर रही थी, वही महा गठबंधन एनडीए से इन सीटों को छीनने का प्रयास करती दिखी। महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने अपने दम पर एक रणनीति के तहत एनडीए उम्मीदवारों को घेरने की रणनीति बनाई, लेकिन महा गठबंधन के दूसरे घटक कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता इस चुनाव प्रचार में बिहार नहीं आया।
बताया जाता है कि महागठबंधन के साथ इस चुनाव में मतदान दिवस पर उसकी संगठनात्मक कमी देखने को मिली। कांग्रेस के कोई भी कार्यकर्ता या नेता हाजीपुर संसदीय क्षेत्र में कहीं भी दिखाई नहीं दिए। वैसे भी वैशाली जिले में कांग्रेस का संगठन नाम मात्र का रह गया है। राजापाकर सुरक्षित क्षेत्र से कांग्रेस की एकमात्र विधायक हैं, जो इस पूरे चुनाव के दौरान जिले में सक्रिय नहीं दिखाई दी।
चुनाव प्रचार की शुरुआत में महागठबंधन के तेजस्वी यादव, महुआ के स्थानीय विधायक मुकेश रोशन, विकासशील इंसाफ पार्टी के सुप्रीमो मुकेश सहनी और वैशाली से प्रत्यासी मुन्ना शुक्ला ने हाजीपुर संसदीय क्षेत्र में लोजपा प्रत्याशी चिराग पासवान के खिलाफ एक माहौल सा बना दिया था। सवर्ण मतदाता चिराग पासवान से नाखुश दिख रहे थे। लेकिन भाजपा के संगठन कार्यकर्ताओं ने चिराग पासवान की चुनाव की पूरी बागडोर संभाली।
लालगंज विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक संजय कुमार सिंह, जंदाहा और महुआ से जदयू के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुशवाहा और उपेंद्र कुशवाहा, हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए स्थानीय विधायक अवधेश कुमार सिंह और सबसे आश्चर्यजनक यह कि महनार के राजद विधायक वीणा सिंह के पति पूर्व सांसद रामा सिंह ने चिराग के लिए महनार का बागडोर संभाले था।
प्रधानमंत्री मोदी खुद प्रचार के लिए हाजीपुर आए और चिराग पासवान से नाखुश भूमिहार मतदाताओं के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय सिंह, राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर के प्रयास से मनाने का प्रयास किया गया। आज का मतदान देखने से ऐसा लगा कि एनडीए नाखुश उसके मतदाता उसके पाले में आ गये और प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर चिराग पासवान के समर्थन में अपना मतदान किया।
दूसरी ओर संगठनात्मक कमी की वजह से महागठबंधन के वोटर पिछड़ते नजर आए। इस बार के चुनाव में यह देखने को मिली कि आम मतदाता चुपचाप अपने वोट का प्रयोग करने हेतु मतदान केंद्र पर पहुंचे और वोट डाल कर चलते बने।
हाजीपुर के मुस्लिम बहुल क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर भ्रमण के दौरान यह देखने को मिला कि मुस्लिम मतदाता इस बार वोट देने में उदासीन दिखे। वैशाली जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक मतदान केंद्रों पर सशस्त्र पुलिस बल की व्यवस्था की गई थी।
केंद्र से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का 55 बटालियन इस जिले को प्राप्त था। वैशाली पुलिस अधीक्षक हरीकिशोर राय पूरे जिले में मतदान केंद्रों का निरीक्षण करते देखे गए। कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। स्वयं जगत प्रहरी संवाददाता गंगोत्री प्रसाद सिंह ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
आज मतदान के दिन वैशाली से राजद प्रत्याशी व् लालगंज प्रखंड के हद में जलालपुर रहिवासी बिजय शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ल, काराकाट से एनडीए प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय इन सभी नेताओ ने अपने-अपने क्षेत्र में मतदान में भाग लिया।
बताया जाता है कि वैशाली के जिला निर्वाचन पदाधिकारी यशपाल मीणा और जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक मतदान केंद्र पर अच्छी व्यवस्था की गई थी। बुजुर्ग और अपंग मतदाताओं को मतदान केंद्र पर लाने के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था की गई थी। इस कार्य के लिए 24000 स्काउट एवं गाइड के कैडेट की सहायता ली गई थी।
मतदान केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मी भी मतदान करने आए वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के साथ अच्छे ढंग से सहयोग करते देखे गए। हाजीपुर संसदीय क्षेत्र में मतदान के बाद राजनीतिक गलियारों में हाजीपुर लोकसभा के लोजपा प्रत्याशी चिराग पासवान और महागठबंधन प्रत्याशी शिवचंद्र राय के बीच जीत हार की संभावना व्यक्त की जाने लगी है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने उत्तर बिहार की सभी पांच सीटों पर एनडीए प्रत्याशी की जीत की संभावना जताया और साथ ही कहा कि हाजीपुर से चिराग पासवान 5 लाख से अधिक वोटो से विजयी होंगे।
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