विद्यालय प्रधानाध्यापक ने सोनपुर एसडीएम से की शिकायत
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर प्रखंड के सबलपुर स्थित लालू प्रसाद यादव उच्च विद्यालय में शिक्षा के मंदिर को संवारने की राह में असामाजिक तत्वों ने एक बार फिर रोड़ा अटका दिया है। प्रशासन के कड़े पहरे और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के बावजूद 14 जुलाई को जैसे ही कार्य शुरू किया गया, स्थानीय दबंगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए निर्माण को बलपूर्वक रुकवा दिया।
जानकारी के अनुसार असामाजिक तत्वों की इस दुस्साहस के बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमरेश कुमार ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सोनपुर को लिखित आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
बताया जाता है कि पूर्व में जारी बीते 8 जुलाई के सोनपुर अनुमंडल प्रशासन के संयुक्त आदेश (ज्ञापांक 471/सी) के आलोक में 14 जुलाई को प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेटों की उपस्थिति में संवेदक (ठेकेदार) दिग्विजय कुमार सिंह द्वारा विद्यालय भवन के ले-आउट का कार्य शुरू कराया गया था।

बताया जाता है कि कार्य शुरू होते ही सबलपुर हस्ती टोला रहिवासी शत्रुघ्न कुमार (पिता- बेनी राय) ने कई अज्ञात के साथ मिलकर मौके पर भारी व्यवधान उत्पन्न किया और राजकीय कार्य को जबरन ठप करा दिया। दंडाधिकारियों की मौजूदगी में की गयी इस दबंगई से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ज्ञात हो कि, लालू प्रसाद यादव उच्च विद्यालय में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्यसभा सांसद प्रो. मनोज कुमार झा की अनुशंसा पर सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत ₹47,59,565.86
की लागत से 10 अतिरिक्त कमरों और चापाकल सहित दो शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। इससे पहले भी स्थानीय असामाजिक तत्वों के अड़ंगे के कारण यह महत्वपूर्ण योजना अधर में लटक गया था, जिसके बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे चार मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल
बताया जाता है कि विद्यालय में निर्बाध रूप से निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी स्निग्धा नेहा एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सोनपुर ने संयुक्त आदेश जारी कर चार दंडाधिकारियों की तैनाती की थी, जिनमें सहायक अभियंता स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन-2 दीपशिखा, ग्रामीण विकास पदाधिकारी सोनपुर
केशव कुमार राय, राजस्व अधिकारी संजीव कुमार एवं कनीय अभियंता स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन-2 कुमारी निहारिका शामिल हैं।
वहीं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोनपुर थाना से पुलिस बल और सशस्त्र जवानों की भी प्रतिनियुक्ति की गई थी। बावजूद इसके उक्त घटना के समय सिर्फ मजिस्ट्रेट मौजूद थे, जबकि पुलिस नहीं आई थी।असामाजिक तत्वों ने इसी का फायदा उठाकर कानून को ठेंगा दिखाते हुए काम रुकवा दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची पर कार्य शुरू नहीं करवा सकी और विपक्ष की बातचीत सुनकर वापस लौट गई।
घटना के तुरंत बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमरेश कुमार ने 14 जुलाई को अनुमंडल पदाधिकारी को पत्रांक-35/26 के माध्यम से लिखित शिकायत सौंपी है।
प्रधानाध्यापक ने राजकीय कार्य में बाधा डालने वाले नामजद आरोपी शत्रुघ्न कुमार और उनके अज्ञात सहयोगियों के विरुद्ध अविलंब प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और निर्माण कार्य को दोबारा शांतिपूर्ण ढंग से शुरू कराने का आग्रह किया है। इस घटना के बाद से स्थानीय शिक्षाविदों, अभिभावकों और छात्रों में गहरा रोष है। रहिवासियों का कहना है कि बच्चों के भविष्य और विद्यालय के विकास में अड़ंगा डालने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ प्रशासन को सख्त से सख्त रुख अपनाना चाहिए, ताकि इस महत्वपूर्ण परियोजना को जल्द पूरा किया जा सके।
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