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मोहराबादी में हजारों पथ विक्रेताओं का रांची नगर निगम के खिलाफ उमड़ा जनसैलाब

कानून लागू करो, बेदखली बंद करो के नारों के साथ आंदोलन की चेतावनी

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। रांची नगर निगम (आरएमसी) द्वारा लगातार की जा रही क्रूर, मनमानी एवं गैर-कानूनी बेदखली कार्रवाई के विरोध में 14 जुलाई को झारखंड की राजधानी रांची की सड़कों पर हजारों पथ विक्रेताओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा।

एटक से संबद्ध भारतीय पथविक्रेता महासंघ (आईएचएस) झारखंड राज्य इकाई द्वारा रांची शहर के विभिन्न बाजारों से पथ विक्रेता अपने-अपने जुलूस के साथ जयपाल सिंह स्टेडियम पहुँचे, जहाँ से एक विशाल रैली फिरायालाल चौक होते रांची नगर निगम कार्यालय तक पहुँची। वहाँ विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसके पश्चात नागा बाबा खटाल के समीप सभा के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

आयोजित रैली में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं एवं विभिन्न बाजारों के हजारों पथ विक्रेताओं की भागीदारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब पथ विक्रेता अपने संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के लिए संगठित होकर निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे।
आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचीव महेंद्र पाठक, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के महासचिव अशोक यादव, भाकपा नेता संतोष रजक, भारतीय पथविक्रेता महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक संदीप वर्मा, झारखंड राज्य सचिव विकास वर्मा, मनोज महतो, मो. इसाक (बबलू), महिला नेत्री सुजीता, प्रियंका, मंजू सहित अनेक सामाजिक एवं श्रमिक संगठनों के नेताओं ने किया।

रैली के दौरान पूरे शहर में उजाड़ीकरण बंद करो, हॉकर कानून लागू करो, बेदखली बंद करो पुनर्वास करो, स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 लागू करो, झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करो आदि नारों से वातावरण गूंज उठा। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव कॉ महेंद्र पाठक ने कहा कि गरीबों की रोज़ी-रोटी पर बुलडोज़र चलाना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए शर्म की बात है। संसद द्वारा बनाए गए कानून और उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी कर नगर निगम गरीबों के साथ अन्याय कर रहा है। सरकार और प्रशासन को दमन नहीं, कानून का पालन करना चाहिए।

ऐटक महासचिव कॉ अशोक यादव ने कहा कि पथ विक्रेताओं की लड़ाई केवल रोज़गार की नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है। यदि नगर निगम ने अपनी मनमानी नहीं रोकी, तो यह आंदोलन पूरे झारखंड में और अधिक व्यापक रूप लेगा। पथ विक्रेता संघ के राज्य सचिव विकास वर्मा ने कहा कि बिना सर्वेक्षण, बिना पुनर्वास, बिना वैधानिक नोटिस और बिना टाउन वेंडिंग कमेटी की प्रक्रिया पूरी किए की गई प्रत्येक बेदखली पूर्णतः अवैध है।

नगर निगम कानून लागू करने के बजाय कानून तोड़ने का काम कर रहा है। कहा कि हम प्रत्येक अवैध कार्रवाई को कानूनी रूप से चुनौती देंगे। राष्ट्रीय संयोजक संदीप वर्मा ने कहा कि आज का यह जनसैलाब स्पष्ट संदेश है कि पथ विक्रेता अब अन्याय सहने वाले नहीं हैं। यह लड़ाई केवल रांची की नहीं, बल्कि पूरे देश के करोड़ों पथ विक्रेताओं के सम्मान और आजीविका की लड़ाई है। कहा कि यदि आरएमसी ने अपनी गैर-कानूनी कार्रवाई तत्काल नहीं रोकी तो यह संघर्ष सड़क से अदालत तक और अधिक मजबूती के साथ जारी रहेगा।

उपस्थित नेताओं ने आरोप लगाया कि रांची नगर निगम लगातार स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014, झारखंड स्ट्रीट वेंडिंग नियम 2016, झारखंड स्ट्रीट वेंडिंग योजना 2017 तथा झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर गरीब पथ विक्रेताओं की आजीविका पर हमला कर रहा है।
सभा के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि नगर निगम ने अपनी गैर-कानूनी बेदखली, अवैध वसूली एवं उत्पीड़न की कार्रवाई बंद नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

भारतीय पथ विक्रेता महासंघ की प्रमुख मांगो में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 का तत्काल एवं पूर्ण अनुपालन, झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन, सभी अवैध बेदखली अभियान पर तत्काल रोक, सभी पात्र पथ विक्रेताओं का सर्वेक्षण, पहचान पत्र एवं वेंडिंग प्रमाण-पत्र जारी करने, टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) का नियमित गठन एवं संचालन, बिना पुनर्वास किसी भी पथ विक्रेता को नहीं हटाने, अवैध वसूली एवं उत्पीड़न में शामिल अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई शामिल है।

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