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चयनित पंचायतों को आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करने हेतु बैठक

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। सारथी नेटवर्क द्वारा चयनित ग्राम पंचायतों को बोकारो एक्शन प्लान के अंतर्गत आदर्श, समावेशी एवं सतत विकास आधारित पंचायत के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से सारथी झारखंड जस्ट ट्रांजिशन नेटवर्क बोकारो तथा जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में 14 जुलाई को बैठक की गयी। उक्त बैठक बोकारो जिला के हद में गोमिया प्रखंड के स्वांग दक्षिणी पंचायत भवन सभागार में की गई।

बैठक का उद्देश्य सतत विकास लक्ष्य को आधार बनाते हुए गोमिया क्लस्टर की 12 चयनित ग्राम पंचायतों के लिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप समग्र एवं सहभागी विकास योजना तैयार करना था। बैठक में चयनित पंचायतों के मुखिया, वार्ड सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता तथा पंचायत प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

सारथी की ओर से सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर, प्रदान की पीयूषमयी, गुलाब चंद्र, सफरोज़ खान एवं श्याम कुमार भारती ने बैठक में भाग लिया, जबकि पंच सूत्र फाउंडेशन की ओर से विनोद कुमार यादव ने बैठक का संचालन एवं समन्वय किया। बैठक में कृषि एवं पशुपालन विभाग सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं को पंचायत स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने तथा ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) को स्थानीय संसाधनों एवं आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को प्रेरित करने के लिए लोहरदगा जिले की एक आदर्श ग्राम पंचायत के विकास पर आधारित प्रेरणादायक फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

इस अवसर पर कर्री खुर्द पंचायत के मुखिया सोनाराम मुर्मू ने कहा कि बोकारो एक्शन प्लान के तहत उनके पंचायत में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करते हुए जल, जंगल, जमीन, जैव विविधता एवं आजीविका के संरक्षण और विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सारथी के सहयोग से पंचायत के बौद्धिक एवं संस्थागत विकास को भी गति दी जाएगी।

सियारी पंचायत के मुखिया रामवृक्ष मुर्मू ने कहा कि बिना योजनाबद्ध विकास के पंचायत को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। उन्होंने बताया कि कॉन्फ्रेंस ऑफ पंचायत से प्राप्त अनुभवों के आधार पर अब बोकारो एक्शन प्लान के अंतर्गत पंचायत विकास की ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसे धरातल पर लागू किया जाएगा। हजारी पंचायत की मुखिया तारामणि भोक्ता ने कहा कि उनके पंचायत में सतत विकास की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए विकास योजनाएँ तैयार की जाएंगी। साथ ही पंचायत क्षेत्र में स्थित ओएनजीसी के गैस प्लांट को ध्यान में रखते हुए समावेशी एवं पर्यावरण-अनुकूल विकास मॉडल विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

बेरमो से मकस कहानिका के प्रधान संपादक श्याम कुंवर भारती ने कहा कि क्षेत्र में लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जल संरक्षण की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएंगे तथा पंचायतों में जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन को प्राथमिकता दी जाएगी। महुआटांड़ क्षेत्र से आए अजय कुमार महतो ने पंचायतों में कृषि एवं पशुपालन आधारित आजीविका को सशक्त बनाने पर बल देते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध निवेश और सामुदायिक पहल की आवश्यक है।

बैठक के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि बोकारो एक्शन प्लान के माध्यम से चयनित पंचायतों में सहभागी योजना निर्माण, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, आजीविका संवर्धन, सामाजिक समावेशन तथा सतत विकास के सिद्धांतों को अपनाते हुए आदर्श पंचायत के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

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