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मिथिला की आत्मा और सनातन संस्कृति के अमर संवाहक हैं महाकवि विद्यापति-चौधरी

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो के सेक्टर-4 ई स्थित मिथिला अकादमी पब्लिक स्कूल परिसर में स्थापित महाकवि विद्यापति की प्रतिमा के दो वर्ष पूरे होने पर 20 अगस्त को मिथिला सांस्कृतिक परिषद ने पुष्पांजलि समारोह आयोजित की। परिषद के पदाधिकारियों व सदस्यों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर महाकवि विद्यापति को नमन किया। इस दौरान जय मिथिला-जय मैथिली के उद्घोष और विद्यापति के गीतों से परिसर गूंज उठा।

जानकारी देते परिषद अध्यक्ष जय प्रकाश चौधरी ने कहा कि विद्यापति केवल महान कवि नहीं, बल्कि मिथिला की आत्मा और सनातन संस्कृति के अमर संवाहक हैं। उनकी रचनाएं प्रेम, मर्यादा, समरसता और ईश्वर भक्ति का संदेश देती हैं। अन्य वक्ताओं ने मैथिली भाषा और साहित्य को समृद्ध करने में विद्यापति के योगदान को याद किया। अरुण पाठक और सुनील मोहन ठाकुर ने विद्यापति के गीत प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में अयोध्या के बाद पुनौरा धाम के विकास को सांस्कृतिक पुनर्जागरण बताया गया। वक्ताओं ने नई पीढ़ी को मैथिली भाषा और विद्यापति की रचनाओं से जोड़ने का संकल्प लिया। मौके पर नीरज चौधरी, राजेंद्र कुमार, कृष्ण चंद्र झा, विजय कुमार झा, दिलीप झा, बटोही कुमर, पूनम मिश्रा समेत कई गणमान्य मौजूद रहे।

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