पूर्व मंत्री का हाल-चाल लेने पहुंचे बेरमो विधायक एवं गोमिया के पूर्व विधायक
विजय कुमार साव/गोमिया (बोकारो)। झारखंड के पूर्व मंत्री माधवलाल सिंह की हालत में सुधार न होने के बाद उन्हें 5 मई की संध्या बोकारो के एक निजी अस्पताल से झारखंड की राजधानी रांची के आर्कीड अस्पताल ले जाया गया है। पुर्व मंत्री हाल-चाल लेने बेरमो विधायक एवं गोमिया के पूर्व विधायक अस्पताल पहुंचे तथा उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।
जानकारी देते हुए बांध पंचायत के समाजसेवी बबलू यादव ने बताया कि बोकारो जिला के हद में गोमिया के पूर्व विधायक एवं झारखंड के पुर्व मंत्री माधवलाल सिंह की अचानक तबीयत बीते दिनों अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें बोकारो के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। उन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार उनके लंग्स में इन्फेक्शन हो गया है। उनकी हालत में सुधार न होते देख उन्हें रांची के आर्कीड अस्पताल ले जाया गया है।
ज्ञात हो कि माधव लाल सिंह गोमिया विधानसभा से चार बार विधायक रह चुके हैं। वे संयुक्त बिहार सरकार एवं झारखंड सरकार में एक-एक बार मंत्री भी रह चुके हैं। गरीब-गुरबा, शोषित, वंचितों के झारखंड के दिग्गज नेताओं की अगर बात की जाए तो उसमें माधव लाल सिंह का नाम सबसे ऊपर रहा हैं। उन्होंने गोमिया विधानसभा समेत झारखंड में कई मुद्दों को लेकर आंदोलन किया है। उन्हें हमेशा एक जन नेता के रूप में देखा गया है। आम जनता के बीच में उनकी पकड़ काफी मजबूत रही है। गोमिया विधानसभा में शायद ही कोई ऐसा वोटर हो जो उन्हें नहीं जानता हो।
उनकी छवि हमेशा साफ-सुथरे और ईमानदार नेता की रही है। इसके लिए उन्हें विधानसभा में उत्कृष्ट विधायक का रत्न प्राप्त हो चुका है। उनकी बीमारी की खबर पाकर बेरमो विधायक कुमार जय मंगल उर्फ अनुप सिंह एवं गोमिया के पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो बोकारो के निजी अस्पताल में पहुंचे और उनके स्वस्थ होने की कामना की।
गोमिया विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 1977 से 2014 के पूर्व तक पूर्व मंत्री माधवलाल सिंह और पुराने जनसंघी छत्रुराम महतो के इर्द-गिर्द राजनीति घुमती रही है। वर्ष 1977 में गोमिया विधानसभा के अस्तित्व में आने के बाद जनता पार्टी के टिकट पर छत्रुराम महतो ने चुनाव जीता था। इसके पहले महतो 1972 के चुनाव में भारतीय जनसंघ के टिकट पर चुनाव लड़कर पहली बार विधायक बने थे। तब जरीडीह विधानसभा हुआ करता था, जिसमें गोला, पेटरवार, कसमार और जरीडीह प्रखंड का क्षेत्र आता था।

वर्ष 1967 में भी छत्रुराम महतो ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और पदमा स्टेट की राजमाता शशांक मंजरी देवी से हार गए थे। इसके बाद 1969 के चुनाव में भी निर्दलीय चुनाव लड़कर राजमाता शशांक मंजरी देवी से दोबारा चुनाव हार गए थे। वर्ष 1980 के चुनाव में महतो भाजपा के उम्मीदवार बने और जीत गए। इसके बाद 1995 और 2005 का चुनाव भी भाजपा के टिकट पर जीते। छत्रुराम महतो ने तीन बार भाजपा और एक-एक बार जनता पार्टी और भारतीय जनसंघ के टिकट पर चुनाव जीता। बावजूद इसके आज भी गोमिया विधानसभा की जनता पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह को अपने अभिभावक के समान देखते है। सिंह ने अधिकांश निर्दलीय चुनाव लड़कर यहां से जीत हासिल की थी।
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