माफियाओं को किसी भी प्रकार का कोई संरक्षण न मिले-हेमंत सोरेन
एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड के मुख्यमंत्री (सीएम) हेमंत सोरेन ने 5 मई को अधिकारियों के साथ राज्य में बेहतर विधि-व्यवस्था के संधारण को लेकर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए उच्च स्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय भूमिका में रहे। अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार से कोई कोताही न बरती जाए ।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राज्य के भीतर कानून व्यवस्था की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने तथा आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों को चिन्हित कर उन मामलों की नियमित मानीटरिंग की जाय। बैठक में सीएम सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में लापता बच्चों और महिलाओं से संबंधित मामलों को प्राथमिकता दें। उन्होंने निर्देश दिया कि लापता बच्चों एवं महिलाओं के जितने भी मामले हैं उन पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए लापता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षित रिकवरी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में आम जनों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि नशीले पदार्थों के आदान-प्रदान के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि नशीले पदार्थ के कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ मुहिम चला कर उनके सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) पर अविलंब रोक लगाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन जगहों को अवश्य चिन्हित करें जहां पर नशीले पदार्थ की खरीद-बिक्री होती है। कहा कि जो अपराधी नशीले पदार्थ के कारोबार से जुड़े हैं उन पर शख्स कानूनी-कार्रवाई सुनिश्चित करें। स्कूल, कॉलेज एवं वैसे विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों वाले संस्थान जहां अधिक संख्या में युवा वर्ग की भीड़ होती है, वैसे जगहों पर नशीले पदार्थ सप्लायरों पर पैनी नजर रखी जाए।
बैठक में सीएम सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर अफीम की खेती को हर हाल में रोका जाना चाहिए। उन्होंने झारखंड के खूंटी, चतरा एवं विशेष तौर पर रांची जिले में विशेष तत्परता बरतें जाने का निर्देश दिया। कहा कि अफीम की खेती के खिलाफ निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए आम रहिवासियों को भी जागरूक किया जाए।
पुलिस अधिकारी आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री सोरेन ने निर्देश दिया कि जिलों में पदस्थापित एसपी, डीएसपी एवं प्रभारी अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में निर्धारित समय पर उपस्थित रहकर आम जनता के साथ निरंतर संवाद करते रहें तथा उनकी समस्याओं को सुनते हुए समस्याओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी आम जनों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र का भी दौरा करें और वहां आम जनता के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान निकालें। कहा कि ग्रामीण क्षेत्र का औचक निरीक्षण होने से पुलिस के प्रति आमजनों का विश्वास और ज्यादा बढ़ेगा।
सीएम सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर संगठित अपराध के मामले में सख्ती से निपटा जाना चाहिए। कहा कि राज्य सरकार संगठित अपराध को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन को पूरी सुविधा और व्यवस्था प्रदान कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्र से सटे इलाकों के प्रभारी अधिकारियों को भूमि संबंधित विवादों से निपटने में अत्यंत सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस अधिकारी की ओर से किसी भी कीमत पर भू-माफिया को कोई संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान समय में अक्सर शहरों से सटे क्षेत्रों में भूमि संबंधित अपराधों की खबरें देखने और सुनने को मिलती है। कहा कि भूमि विवाद संबंधित मामलों पर पुलिस प्रशासन कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हिरासत के दौरान किसी भी प्रकार की यातना या मृत्यु की घटनाओं को सरकार पूरी गंभीरता से लेगी। अतः हरेक स्तर पर संवेदनशील होने की जरूरत है। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित सभी जोनल आईजी तथा वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए रेंज डीआईजी तथा सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारीगण शामिल थे।
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