रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड सरकार के पंचायती राज विकास विभाग के निर्देश पर सबकी योजना, सबका विकास कार्यक्रम के तहत बच्चों एवं महिलाओं को अपनी बात रखने का मंच उपलब्ध कराने और उनके अधिकारों एवं समस्याओं को सामने लाने के उद्देश्य से बाल सभा एवं महिला सभा का आयोजन किया गया।
जानकारी के अनुसार 20 अगस्त को बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के पोंडा, सोनपुरा, दांतू, गर्री, दुर्गापुर, मंजूरा, बरईकला, टांगटोना, बगदा, मधुकरपुर पंचायत में बाल सभा एवं महिला सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और शिक्षा, सुविधाओं तथा अपनी अन्य जरूरतों से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को बेझिझक सभा के समक्ष रखा।

बताया जाता है कि इस दौरान आयोजित महिला सभा में महिला संबंधित विकास योजना तथा मुद्दों पर गहन चर्चा की गई तथा महिलाओं के हित में पंचायत स्तर पर योजना संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुखिया हारू रजवार, मुखिया चंद्र शेखर, नायक अमरलाल महतो , सुमित्रा कुमारी, राजेंद्र महतो, चंद्रशेखर हेंब्रम, गीता देवी ने गांव तथा पंचायत स्तर पर बच्चों के साथ होने वाले हिंसा को समाप्त करने पर विशेष चर्चा किया। इस दौरान बाल विवाह, बाल यौन हिंसा तथा बाल तस्करी को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान पंचायत स्तर पर चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटी के गठन तथा उसे सक्रिय करने पर विशेष रूप से ध्यान देने की बात कही गई। इस दौरान सहयोगिनी तथा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन नेटवर्क से जुड़े प्रकाश कुमार महतो, मंजू देवी, स्वाति कुमारी, सूरजमनी देवी, संगीता देवी, विनीता देवी, रेखा देवी ने कहा कि पूरे देश में बाल विवाह को समाप्त करने के लिए सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। हमें गांव तथा पंचायत स्तर पर इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
इस दौरान 18 वर्ष तक के बच्चों को बाल सभा के उद्देश्य, महत्व और उनकी भूमिका की जानकारी दी गई। वहीं महिला सभा में महिलाओं से संबंधित अधिकारों पर विशेष चर्चा की गई। बच्चों तथा महिलाओं को बताया गया कि वे अपनी समस्याओं, अधिकारों और आवश्यकताओं को उचित मंच तक पहुंचाने के लिए बाल सभा तथा महिला सभा का सक्रिय रूप से उपयोग कर सकते हैं।

सभा में छात्र-छात्राओं ने शिक्षा, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और अपनी अन्य आवश्यकताओं से संबंधित मुद्दों को खुलकर रखा। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें निर्णय प्रक्रिया में अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में रामू माज़ी, मनोज कुमार, रजनीकांत, राकेश, गीता कुमारी, बीरेन्द्र करमाली, अनिल महतो, इमरोज अहमद, बैजनाथ महतो सहित बड़ी संख्या में महिलाओं तथा छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
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