अत्याधुनिक न्यायिक परिसर से 3.5 लाख की आबादी को मिलेगी सुलभ न्याय की सौगात
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। न्याय को जन-सामान्य के निकट लाने और न्यायिक गरिमा को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में 24 अप्रैल को सारण जिला के हद में सोनपुर ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने सोनपुर उप-मंडल न्यायालय के नवनिर्मित होने वाले दसवें न्यायालय भवन, सुविधा भवन एवं हाजत का विधि-विधान से भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सारण (छपरा) सिविल कोर्ट के नए प्रतीक (लोगो) का भी अनावरण किया।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति साहू ने न्यायिक बुनियादी ढांचे के महत्व को रेखांकित करते हुए इस अवसर पर कहा कि न्यायालय को केवल ईंट-गारे का ढांचा समझना भूल है। यह वास्तव में हमारे संविधान की सबसे प्रत्यक्ष और जीवंत संस्था है। उन्होंने कहा कि एक संकरा और जर्जर परिसर उदासीनता का संदेश देता है, जबकि एक सुव्यवस्थित और आधुनिक न्यायालय परिसर यह विश्वास दिलाता है कि यहां हर वाद को पूरी गंभीरता और सम्मान मिलेगा।
उन्होंने सोनपुर की ऐतिहासिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि हरिहर क्षेत्र की यह पावन भूमि अब एक सशक्त न्यायिक केंद्र के रूप में स्थापित हो रही है। उन्होंने वर्तमान परिसर में जल-जमाव और स्थान की कमी जैसी चुनौतियों का जिक्र करते हुए विश्वास जताया कि नया परिसर न्यायिक अधिकारियों के लिए गौरवपूर्ण परिवेश और वादकारियों के लिए सुगम स्थल बनेगा।
न्यायिक डेटा: 20,000 मामलों के हस्तांतरण का मार्ग प्रशस्त
उच्च न्यायालय पटना के न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद ने तथ्यों के साथ नए भवन की आवश्यकता को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि सोनपुर में वर्तमान में लगभग 3,400 दीवानी और 3,600 आपराधिक मामले लंबित हैं। बुनियादी ढांचे के अभाव में सोनपुर क्षेत्र के 20,000 से अधिक आपराधिक मामले अभी भी छपरा जिला मुख्यालय में लंबित हैं। कहा कि नया भवन बनने से इन मामलों का स्थानीय स्तर पर निस्तारण संभव होगा, जिससे वादियों को 55 किलोमीटर की दूरी तय करने से मुक्ति मिलेगी।

निरीक्षण न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए. अभिषेक रेड्डी ने कहा कि बुनियादी ढांचा न्यायपालिका के सुचारू संचालन की अनिवार्य शर्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक न्यायालय संरचना से न केवल अधिवक्ताओं और अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि न्याय तक पहुंच के संवैधानिक संकल्प को भी मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर इप्टा की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गान से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। समारोह में न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सारण पुनीत कुमार गर्ग, बार अध्यक्ष रवि रंजन प्रसाद सिंह सहित भारी संख्या में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। आत्मनिर्भर परिसर के प्रस्तावित भवन में केवल न्यायालय कक्ष ही नहीं, बल्कि सुविधा भवन और आधुनिक हाजत का निर्माण भी किया जा रहा है, जो इसे एक पूर्णतः आत्मनिर्भर न्यायिक परिसर बनाएगा।
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