एस. पी. सक्सेना/मुजफ्फरपुर (बिहार)। मुजफ्फरपुर जिला के हद में ग्राम पंचायत सुमेरा में पोषण पखवाड़ा के तहत 21 अप्रैल को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व पंचायत की मुखिया गुड़िया कुमारी ने किया, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा दीदी, जीविका दीदी एवं ग्रामीण महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जानकारी देते हुए समाजसेविका सह युवा कवियित्री सविता राज ने बताया कि आयोजित कार्यक्रम के दौरान संतुलित आहार, स्वच्छता तथा बच्चों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया। अपने संबोधन में मुखिया गुड़िया कुमारी ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही एक मजबूत समाज की नींव है। उन्होंने उपस्थित सभी ग्रामीणों को पौष्टिक आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। जिससे भारत सरकार का लक्ष्य हैं कि 2030 तक पंचायत को स्वस्थ्य पंचायत बनाने का वह पूरा हो सके।
सविता राज ने बताया कि वर्ष 2026 के पोषण अभियान की थीम बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करना को ध्यान में रखते हुए मुखिया द्वारा पंचायत के सभी रहिवासियों से भी अनुरोध किया गया कि अपने बच्चों को शारीरिक खेल से भी जोड़े, ताकि बच्चे मोबाइल से दूर रह सके।
इस अवसर पर उपस्थित रहिवासियों को संबोधित करते हुए सी थ्री संस्था के मुजफ्फरपुर जिला समन्वय निलेश कुमार ने बताया कि कुपोषण से निपटने के लिए हमें एनीमिया पर नियंत्रण करना होगा। इसके लिए हमें अपने घरों में पोषण वाटिका लगाना जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि एनीमिया का सबसे बड़ा कारण जंक फूड है। अगर हम सब को इस से बचना है तो श्रीअन्न (मोटे अनाज) को खाने में नियमित रूप से लेना होगा। महिला पर्यवेक्षिका कृष्णा कुमारी ने बताया कि एईएस से बचाव के लिए हम सबको अपने अपने क्षेत्र में लगातार जागरूकता कार्यक्रम करने की जरूरत है, ताकि किसी भी बच्चे की मृत्यु एईएस के वजह से ना हो।

इस अवसर पर पोषण से संबंधित प्रदर्शनी, जागरूकता रैली सहित कई गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ी।
ग्रामीण रहिवासियों ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता जताई। कार्यक्रम में पंचायत के सीएचऒ, सभी सेविका, आशा, जीविका दीदी, ग्रामीण महिला-पुरुष आदि उपस्थित थे।
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