रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) की नियमावली और अन्य छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के शहीद रघुनाथ महतो चौक पिड़गुल में 21 अप्रैल को अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ मंत्री राधा कृष्ण किशोर एवं दीपिका सिंह का पुतला दहन किया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और वादा खिलाफी का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अपनी नाराजगी के लिए कई प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया, जिसमें जेटेट परीक्षा में देरी और रद्दीकरण शामिल है। अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य में पिछले 10 वर्षों से टेट (टीईटी) परीक्षा का आयोजन नियमित रूप से नहीं किया गया है। हाल ही में परीक्षा की तैयारियों के बीच नियमावली में विसंगतियों के कारण उत्पन्न हुई अनिश्चितता से छात्र खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
छात्रों का सबसे तीखा विरोध क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में बदलाव को लेकर है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्थानीय भाषाओं की उपेक्षा कर बाहरी भाषाओं को थोपा जा रहा है, जिससे झारखंड के मूल रहिवासियों के अवसर कम हो जाएंगे। विरोध प्रदर्शन में केवल अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि अन्य सामाजिक संगठन भी शामिल हुए। उन्होंने राज्य में छात्रवृत्ति वितरण में हो रही देरी और बुजुर्गों व विधवाओं की पेंशन से जुड़े लंबित मुद्दों पर सरकार को घेरा।
पुतला दहन के दौरान झारखंड लोकतान्त्रिक क्रन्तिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) कसमार प्रखंड अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने चुनाव से पहले युवाओं को रोजगार देने और स्थानीयता को प्राथमिकता देने का वादा किया था, लेकिन आज स्थिति इसके उलट है। बाहरी भाषाओं को शामिल कर यहाँ के स्थानीय युवाओं के हक को छीना जा रहा है। कहा कि अगर जल्द ही जेटेट की पारदर्शी नियमावली लागू नहीं की गई, तो यह आंदोलन और उग्र होगा।
मौके पर जितेंद्र कुमार, मुकेश कुमार, परेश महतो, विकाश कुमार, सुभाष कुमार, अमन कुमार, विभांशु कुमार, भुनेश्वर कुमार, जितेंद्र कुमार, नितेश करमाली, संतोष महतो, काशीनाथ, सुखदेव, नरेंद्र, विशाल कुमार, चंदन कुमार, अनुज कुमार , सुमंत घाँसी, प्रमोद कुमार, संदीप कुमार, नीतीश कुमार करमाली, गणपति एवं दर्जनों युवा उपस्थित थे।
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