एस. पी. सक्सेना/बोकारो। देश में कोई भी राजनीतिक दल ऐसा नहीं है कि वह महिला आरक्षण का पक्षधर हो। सभी पार्टियां महिला आरक्षण की बात तो करती है, लेकिन जब आरक्षण की सुविधा देने की बात सामने आती आती है, तब सभी पार्टी कोई न कोई बहाना बनाकर अलगाव की नीति अपनाती रही है।
उक्त बातें भाकपा माले नेत्री संगीता तिवारी ने 21 अप्रैल की संध्या बोकारो के सेक्टर टू स्थित अपने आवासीय कार्यालय में एक भेंट में कही।
उन्होंने कहा कि पुर्व में जब महिला आरक्षण को कांग्रेस पास कराना चाह रही थी, तब भाजपा द्वारा इसका विरोध कर इसे पास होने से रोकने का काम किया गया। अब जबकि भाजपा द्वारा महिला आरक्षण को पास कराने की बात की तब कांग्रेस द्वारा इसका विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि दरअसल कोई भी राष्ट्रीय पार्टी चाहे कांग्रेस हो या भाजपा उसके भीतर हमेशा पुरुष मानसिकता हावी रहा है। यही कारण है कि महिला आरक्षण बिल अबतक देश की संसद से पास नहीं किया जा सका है।
महिला नेत्री संगीता तिवारी ने कहा कि आज देश की आधी आबादी अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रही है। यदि महिलाओं को उनका हक नहीं मिला तो भाकपा माले तथा ऐपवा महिलाओं को संगठित कर पुरे देश में आंदोलन का शंखनाद करेगी।
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