रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो में जन्मी और पली-बढ़ी शायरी जरुहार ने समाजसेवा को अपना लक्ष्य बनाया है।
जीजीएसईएसटीसी के निदेशक डॉ प्रियदर्शी जरुहार की पुत्री शायरी वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा हैं। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी थिएटर सर्किट की सक्रिय रंगकर्मी सदस्य होने के साथ-साथ एक प्रतिभाशाली कंटेंट राइटर भी हैं। सामाजिक मुद्दों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सक्रिय भागीदारी उन्हें युवाओं के बीच एक अलग पहचान दिला रही है।
हाल ही में बोकारो में आयोजित महिला सम्मान समारोह में शायरी ने मंच संचालन कर अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया। शायरी का मानना है कि समाजसेवा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है और इसी दिशा में वह निरंतर प्रयासरत हैं।
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