मछुआरों के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है इसका लाभ ले-बसंत महतो
प्रहरी संवाददाता/धनबाद (झारखंड)। झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन और सहकारिता मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की के निर्देशानुसार धनबाद जिला मत्स्य पदाधिकारी कार्यालय में 10 जुलाई को राष्ट्रीय मछुआरा दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए मत्स्य पालक किसानों के बीच मत्स्य बिज का वितरण किया गया। मौके पर आयोजित कार्यक्रम में टुण्डी, बलियापुर, बाघमारा, तेतुलमारी, गोविंदपुर, तोपचांची सहित अन्य क्षेत्रों के किसान शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए टुण्डी विधायक प्रतिनिधि बसंत महतो ने कहा कि मछुआरों के उत्थान के लिए झारखंड सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। कहा कि मछुआरों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। मछली पलकों को संबोधित करते हुए संबंधित विभाग के प्रदेश के संयुक्त उपनिदेशक संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार मत्स्य पालन के क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाओं का संचालन कर रही है, जरूरत है इसका लाभ लेने की। उन्होंने कहा कि धनबाद में रंगीन मछली पालन की अधिक मांग है, लेकिन इसका उत्पादन यहां नहीं किया जा रहा है। जबकि, राज्य में पांच यूनिट रंगीन मछली का पालन किया जा रहा है ।
उन्होंने कहा कि धनबाद जिला में मछली की जितनी डिमांड है, उतना उत्पादन नहीं किया जा रहा है। धनबाद से सटे रामगढ़ और बोकारो जिला में पत्थर खदानों में मछली का उत्पादन किया जा रहा है। कहा कि धनबाद में बीसीसीएल इसकी अनुमति नहीं दे रही है, जबकि यहां के खदानों में मछली पालन की असीम संभावनाएं हैं। जहां केज कल्चर से मछली का उत्पादन संभव है।
उन्होंने कहा कि जिन मछुआरों के पास पक्का मकान नहीं है, उसे सरकार मछुआरा आवास भी दे रही है। धनबाद में 24 आवास स्वीकृत किए गए हैं। जरूरतमंदों से कहा कि वे इसका लाभ उठा सकते हैं। यह लाभ उसी को दिया जाएगा जो झारखंड राज्य के मूल रहिवासी हैं। कहा कि मछली पालन की योजना केवल केवट, दीवार, मछुआरा जातियों के अलावा अन्य कोई जाति वर्ग कर सकते हैं। समय-समय पर मछली पलकों को विभाग द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जो किसान प्रशिक्षण से छूटे हुए हैं उन्हें रांची में तीन चरणों में तीन दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मछुआरा दिवस को प्रदेश संयुक्त निदेशक संजय गुप्ता, जिला मत्स्य पदाधिकारी उषा किरण, टुंडी विधायक प्रतिनिधि बसंत महतो, संतोष उरांव, राजु मालाकार, अजय निषाद, ध्रुव कुमार आदि ने भी विचार व्यक्त किया।
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