प्रहरी संवाददाता/गोमिया (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में गोमिया प्रखंड के होसिर स्थित बड़का आहार तालाब जीर्णोद्धार में रहिवासियों द्वारा विरोध किया जा रहा है। ग्रामीणों ने तालाब जीर्णोद्धार कार्य में अनिमितता का आरोप लगाया है। जेई ने एक हफ्ते में मिट्टी कटाई काम पूरा होने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार गोमिया प्रखंड के हद में होसिर पूर्वी पंचायत स्थित बड़का आहार तालाब के जीर्णोद्धार कार्य में अनियमितता को लेकर रहिवासीयों ने शिकायत की है। वहीं संवेदक ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि काम डीएमएफटी मद से निर्धारित मानक और कार्यादेश के अनुसार ही किया जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के साड़म मंडल अध्यक्ष अमन कुमार वर्मा के नेतृत्व में 15 जून को रहिवासी ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि तालाब की खुदाई कार्यादेश के अनुसार निर्धारित गहराई तक नहीं की जा रही है। रहिवासियों का कहना है कि तालाब की नाम मात्र की खुदाई कर खानापूर्ति की जा रही है, जिससे तालाब की जल धारण क्षमता नहीं बढ़ेगी। मानसून में तेज बारिश होने पर फिर से तालाब में गाद भर जाएगी और किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलेगा।
रहिवासी ग्रामीणों ने मांग की है कि काम की मापी कर पूरी पारदर्शिता के साथ तय गहराई तक खुदाई की जाए, ताकि योजना का मूल उद्देश्य पूरा हो सके। इधर संवेदक तेज नारायण तिवारी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि तालाब जीर्णोद्धार का कार्य पूरी तरह से डीएमएफटी मद से स्वीकृत प्राक्कलन (स्टीमेट) और कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) के अनुसार कराया जा रहा है।
कहा कि तालाब की खुदाई की गहराई, चौड़ाई और मिट्टी उठाव का काम विभागीय इंजीनियरों की निगरानी में हो रहा है। संवेदक ने कहा कि मापी के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया होती है, इसलिए गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कहा कि एक-दो दिन में शेष गहराई का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। वही संबंधित विभागीय कनीय अभियंता (जेई) जय कुमार पटेल ने कहा कि एक हफ्ते में मिट्टी कटाई का काम पूरा हो जाएगा। लेकिन दिलचस्प यह देखना होगा कि नियमानुसार मानसून में तालाब जीर्णोद्धार का काम क्या पूरा हो पाएगा?
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