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दिव्यांगों द्वारा धरना के 737वें दिन लोकभवन से फिरायलाल तक सम्मान यात्रा

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची के लोक भवन के समक्ष दिव्यांगों द्वारा दिए जा रहे धरना के 737वें दिन 12 अगस्त को लोक भवन से फिरायलाल चौक तक दिव्यांग, वृद्धा, विधवा सम्मान यात्रा निकाला गया। झारखंड दिव्यांग आंदोलन संघ के बैनर तले राज्य के कई जिलों के दिव्यांग वृद्धा विधवा जनों ने यात्रा को सफल बनाने के लिए आये थे। उक्त जानकारी संघ के अध्यक्ष ओम चौहान ने दी।

चौहान ने इस अवसर पर कहा कि झारखंड के पीड़ित समाज निरंतर लोक भवन के समक्ष विगत 737 दिनों से धारणारत है। बावजूद इसके राज्य सरकार उनकी मांगो को लेकर कोई संज्ञान नही ले पा रही है, जबकि लगतार कई विधयाको ने विधान सभा के सदन मे मांग उठाने के काम किया। उसके बाद भी सरकार कोई उचित फैसला लेने मे विफल रही है। कहा कि खुद राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तीन वार्ता हो चुकी है, राज्यपाल से भी मुलाक़ात हुई पर फिर भी पीड़ित समाज आज भी लोक भवन के समक्ष धरना दे रहे है।

चौहान के अनुसार झारखंड सरकार लगतार कहती है कि हमारी सरकार संवेदनशील है और हमारा आंख भी है। हमारा कान भी है। फिर क्यों उसे पीड़ित समाज की पीड़ा देखाई नही दे रही है? क्यों झारखंड की पीड़ित दिव्यांग, वृद्धा और विधवा मईयां दिखाई नही दे रही। कहा कि आज जब राज्य मे महिलाओं को मईयां सम्मान योजना के तहत प्रतिमाह 2500 रूपए दिए जा रहें है, फिर पीड़ित दिव्यांग, वृद्धा और विधवा को आज भी 1000 रूपए में अपना गुजारा करना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़ित समाज की मांगो को अलग थलग कर सरकार सिर्फ वोट की गंदी राजनीति करना जानती है, पर पीड़ित के आंसू इस सरकार को दिखाई नही दे रहा। सब जान कर भी अनजान बनने का काम झारखंड सरकार कर रही है।

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