रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन में बोकारो जिले ने पूरे राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। अब जिले को प्रथम स्थान पर लाने के लक्ष्य के साथ योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का संकल्प लिया गया है। इसी उद्देश्य से 12 अगस्त को जिला स्तरीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा ने मनरेगा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उपायुक्त ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में और स्कूल का पानी स्कूल में रहे। उन्होंने जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने तथा ग्रामीणों को इसका अधिकतम लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत ऐसी योजनाओं का चयन किया जाए, जिससे ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ उनकी आजीविका भी मजबूत हो। कहा कि योजनाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
बेहतर कार्य करने वाले बीडीओ एवं मनरेगा कर्मी सम्मानित
कार्यशाला के दौरान मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) तथा मनरेगा कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों का सम्मान अन्य कर्मियों को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रेरित करेगा। इस अवसर पर जिले के अधिकारियों एवं मनरेगा कर्मियों ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ योजनाओं को और अधिक प्रभावी एवं परिणामदायी तरीके से लागू करने का संकल्प लिया।
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