प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। हजारीबाग जिला के हद में बड़कागांव थाना क्षेत्र बादम में बीते 16 जून को असामाजिक तत्वों द्वारा एनटीपीसी के बादाम कोल ब्लॉक से जुड़ी एमडीओ कंपनी बीजीआर के कार्यालय परिसर और कोटा केबिन में जमकर तोड़फोड़ की गई। इस घटना में कार्यालय भवन, फर्नीचर और कई अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। कंपनी को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार विवाद को लेकर पूर्व में स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी थी। नाराजगी को लेकर बड़ी संख्या में रहिवासी बीजीआर कंपनी के कार्यालय परिसर और अंबाजीत क्षेत्र में संचालित कोटा केबिन पहुंचकर मौजूद सामानों को नुकसान पहुंचाया, जिससे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना पाकर बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया और नुकसान का जायजा लिया। साथ ही कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय रहिवासियों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने मौके से प्राप्त तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी। हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लिया गया।
बताया जाता है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान थाना क्षेत्र के गोंदलपुरा गांव रहिवासी विकास कुशवाहा के रूप में की गयी है।
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी में आरोपी विकास कुशवाहा की संलिप्तता सामने आई है। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 17 जून को आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जहां से उसे हजारीबाग जेल भेज दिया गया है।
बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि तोड़फोड़ की घटना में शामिल सभी संदिग्ध की पहचान की जा रही है। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। कहा गया कि जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कहा गया कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। घटना के बाद एहतियात के तौर पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन के अनुसार फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है।
दूसरी ओर बीजीआर कंपनी प्रबंधन भी घटना से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करने में लगा है। कार्यालय भवन, फर्नीचर और अन्य उपकरणों के नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कंपनी द्वारा पूरे मामले की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन और पुलिस दोनों ने स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में शांति भंग करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।
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