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गृह निर्माण से रोक का मामला: उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। बिहार की राजधानी पटना स्थित उच्च न्यायालय ने सारण जिला के हद में सोनपुर के एक भूमि विवाद मामले में एक सिविल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव रॉय की एकलपीठ ने साकेत सिंह चौहान बनाम बिहार राज्य एवं अन्य (सिविल रिट संख्या 10340/2025) मामले में बीते 10 अगस्त को यह मौखिक आदेश पारित किया।

जानकारी के अनुसार सोनपुर गांव के कंचन घर रहिवासी याचिकाकर्ता साकेत सिंह चौहान ने अधिवक्ता श्रवण कुमार, कृष्ण कुमार सिंह और मोनिका सिंह के माध्यम से अदालत में याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वह अपनी निजी भूमि पर घर निर्माण कर रहे हैं, जिसमें प्रतिवादियों द्वारा बाधा उत्पन्न की जा रही है। विशेष रूप से प्रतिवादी संख्या 6 ने उन्हें किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से रोक दिया है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि वे खाता संख्या 114, प्लॉट संख्या 155 का हिस्सा, प्लॉट संख्या 154 का हिस्सा और प्लॉट संख्या 104 के हिस्से की कुल भूमि का लगातार राजस्व कर (लगान) का भुगतान कर रहे हैं, फिर भी उन्हें भूमि के शांतिपूर्ण उपभोग और निर्माण से रोका जा रहा है।
याचिका में अदालत से मांग की गई है कि प्रतिवादियों को याचिकाकर्ता की भूमि के अधिकार, मालिकाना हक और कब्जे में हस्तक्षेप करने से रोका जाए।

राज्य की ओर से जीपी-25 रामधार सिंह उपस्थित हुए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आदेश दिया कि प्रतिवादी संख्या 3 और 5 से 7 छह सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करें। याचिकाकर्ता को उसके बाद दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने की छूट दी गई है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी प्रतिवादी द्वारा समय पर हलफनामा दाखिल नहीं किया गया, तो उन्हें पटना उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के पास ₹2000 की लागत जमा करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई आगामी 5 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

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