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महिला सशक्तिकरण से ही मजबूत समाज का निर्माण-डॉ कुमारी हितु

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। महिला सशक्तिकरण का संदेश लेकर देव इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंसेज एवं देव इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी साइंसेज के संयुक्त तत्वावधान में बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के ओरमो में दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दोनों संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

बताया जाता है कि इस दौरान महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा समाज में महिलाओं की सक्रिय भूमिका को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम के अवसर पर पोस्टर एवं रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिमा एवं विनिता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं रंगोली प्रतियोगिता में सजना एवं संजना की जोड़ी ने प्रथम, मनीषा एवं विनिता ने द्वितीय तथा प्रतिमा एवं विनिता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आयोजकों एवं अतिथियों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देव इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंसेज की प्राचार्या डॉ कुमारी हितु ने महिला सशक्तिकरण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं को आगे बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, आत्मनिर्भरता और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने की प्रक्रिया है। कहा कि जब महिलाएं अपने अधिकारों को समझेंगी और आत्मविश्वास के साथ अपने निर्णय लेने में सक्षम होंगी, तभी समाज वास्तविक रूप से मजबूत और विकसित बन सकेगा।

उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में बेटियों के लिए शिक्षा सबसे बड़ी ताकत है। छात्राओं को अपनी क्षमता पहचानकर आगे बढ़ना चाहिए और किसी भी चुनौती से घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने वाली महिलाएं न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाती हैं, बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

कार्यक्रम के दौरान सहायक प्राध्यापक रिजु कुमार ने भी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं। पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता और रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में युवा पीढ़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने प्रतियोगिताओं में शामिल सभी छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा को सामने लाना है। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़कर ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समिति अध्यक्ष मनोज करमाली उपस्थित रहे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और अधिकार मिलने से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में महिला सशक्तिकरण को लेकर आयोजित होने वाले कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी संवेदनशील बनाते हैं।

करमाली ने कहा कि बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट रहें और मेहनत व आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने आयोजकों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम में जेएमएम विजय सहित अन्य अतिथियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समाज को मिलकर प्रयास करना होगा। महिलाओं को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर उपलब्ध कराने से ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। इस दिशा में शिक्षण संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि विद्यार्थी जागरूक होकर अपने परिवार और समाज में भी सकारात्मक संदेश पहुंचा सकते हैं।

कार्यक्रम में संतोष कुमार ने कहा कि महिला सशक्तिकरण पर आयोजित इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होते हैं। पोस्टर और रंगोली जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक क्षमता के साथ सामाजिक संदेशों को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित और समान अवसर मिलना जरूरी है। समाज में बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने के साथ उन्हें अपने निर्णय लेने के लिए सक्षम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दोनों संस्थानों के संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। दोनों संस्थानों के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक एवं आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा। कार्यक्रम के समापन पर प्रतियोगिता के विजेता एवं प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में आगे भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया।

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