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अपर पुलिस महानिदेशक ने की विधि-व्यवस्था व् अपराध नियंत्रण से संबंधित समीक्षा बैठक

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित पुलिस कार्यालय रांची के कक्ष क्रमांक-307 में एक जून को अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय), झारखंड-सह-पुलिस महानिरीक्षक रांची प्रक्षेत्र द्वारा विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं अनुसंधान से संबंधित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक (नगर), पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), अपर पुलिस अधीक्षक (कोतवाली), सभी पुलिस उपाधीक्षक एवं जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित थे।

समीक्षा बैठक के दौरान राजधानी की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की प्रगति तथा विभिन्न विशेष अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर पुलिस महानिदेशक सह पुलिस महानिरीक्षक द्वारा सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में ऐसे संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थलों को चिन्हित करें, जहाँ अपराध नियंत्रण एवं निगरानी के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरों की आवश्यकता है। साथ ही, पूर्व से स्थापित सीसीटीवी कैमरों की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त आवश्यक स्थलों का चयन कर वहाँ उपयुक्त तकनीक के सीसीटीवी कैमरे लगाने हेतु प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।

समीक्षा बैठक में रांची जिला में कार्यरत पीसीआर, टाइगर मोबाइल, शक्ति कमांडो, हाई-वे पेट्रोलिंग एवं अन्य गश्ती दलों के कार्यों की समीक्षा की गई। गश्ती व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।

अनुसंधान संबंधी मामलों की समीक्षा के क्रम में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित कांडों के अनुसंधान, पीड़ितों को विधि सम्मत सहायता उपलब्ध कराने, समय बद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप कांडों के निष्पादन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। लंबित कांडों के शीघ्र निष्पादन, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग तथा आरोप-पत्रों के समय पर समर्पण पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में गुमशुदा बच्चों से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। इस संबंध में मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने, प्रत्येक मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने तथा बच्चों की शीघ्र बरामदगी हेतु समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया गया। बैठक में एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए मादक पदार्थों के अवैध व्यापार एवं तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

सभी पुलिस उपाधीक्षकों एवं थाना प्रभारियों को मादक पदार्थों की बिक्री, परिवहन एवं वितरण से संबंधित सूचनाओं का व्यवस्थित संकलन कर उसके आधार पर प्रभावी छापामारी एवं विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। विशेष रूप से जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार विशेष अभियान एवं छापामारी चलाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा आगामी 10 से 25 जून तक जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित करने का निर्देश दिया गया, ताकि युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।

समीक्षा बैठक में संगठित अपराध, रंगदारी, आपराधिक गिरोहों एवं अन्य आपराधिक गैंगों की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उनके विरुद्ध प्रभावी एवं निरंतर कार्रवाई करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सक्रिय अपराधियों की पहचान, उनके आर्थिक एवं आपराधिक नेटवर्क का विश्लेषण तथा विधि सम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

भूमि संबंधी अपराधों एवं भू-माफियाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए ऐसे मामलों में त्वरित अनुसंधान एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने तथा ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं आगामी पर्व-त्योहारों एवं सार्वजनिक आयोजनों के मद्देनज़र विधि-व्यवस्था संधारण हेतु भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, गश्ती व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने हेतु पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक के अंत में जिले में अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, संगठित अपराधियों एवं आपराधिक गिरोहों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई तथा उत्कृष्ट पुलिस कार्य के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक रांची एवं पुलिस अधीक्षक (नगर) को अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसंधानकर्ताओं को भी प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया, जिनके द्वारा महत्वपूर्ण कांडों का सफल उद्भेदन किया गया। अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई तथा अनुसंधान पूर्ण कर समयबद्ध आरोप-पत्र समर्पित किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा पुलिस पदाधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील, जवाबदेह एवं पेशेवर दृष्टिकोण अपनाते हुए अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था संधारण तथा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित करने हेतु सतत प्रयासरत रहने का निर्देश दिया गया।

 

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