रांची के अल्बर्ट एक्का चौक एआईएसएफ कार्यालय में प्रेस वार्ता
एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) झारखंड द्वारा 29 जुन को झारखंड की राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक स्थित कार्यालय में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। वार्ता में एआईएसएफ राज्य सचिव विक्रम कुमार, प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु सिंह, प्रदेश सह-सचिव अफ़ज़ल दुर्रानी, प्रदेश सह-सचिव एहतेशाम प्रवीण आदि शामिल थे।
आयोजित प्रेस वार्ता में एआईएसएफ राज्य सचिव विक्रम कुमार ने कहा कि एआईएसएफ झारखंड मानता है कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे का संवैधानिक अधिकार है। हम ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जहाँ आर्थिक स्थिति, जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर किसी भी छात्र के साथ भेदभाव न हो। कहा कि सरकार शिक्षा को खर्च नहीं, बल्कि भविष्य में निवेश माने और झारखंड के हर बच्चे को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराए।
उन्होंने मांग की कि सभी रिक्त शिक्षक पदों पर शीघ्र स्थायी नियुक्ति हो। हर सरकारी स्कूल में पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल मैदान और डिजिटल सुविधाएँ सुनिश्चित की जाए। गरीब एवं बीपीएल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार पूरी तरह लागू किया जाए। छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हो। सरकारी शिक्षा का बजट बढ़ाया जाए और शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगे। आदिवासी, दलित, पिछड़े और दूरदराज़ क्षेत्रों के छात्रों के लिए विशेष शैक्षणिक सहायता और छात्रावास की व्यवस्था हो।
प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु सिंह ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था आज गहरे संकट से गुजर रही है। राज्य के सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के हजारों पद वर्षों से रिक्त हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। आधारभूत सुविधाओं का अभाव, समय पर परीक्षा एवं परिणाम नहीं होना, छात्रवृत्ति में अनियमितता और लगातार बढ़ता निजीकरण शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला है। इसे दुर किया जाए अन्यथा एआईएसएफ पुरे राज्य में उग्र आंदोलन करेगा।
मौके पर मौजूद एआईएसएफ प्रदेश सह-सचिव अफ़ज़ल दुर्रानी ने कहा कि झारखंड सरकार उच्च शिक्षा नीति में लगातार बदलाव कर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। क्लस्टर सिस्टम लागू कर छात्रों को शिक्षा से दूर करने का काम किया जा रहा है। साथ ही कई कॉलेजों में बी.एससी की पढ़ाई बंद करना छात्रों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ई-कल्याण छात्रवृत्ति समय पर देने में विफल रही है। शिक्षा और छात्रवृत्ति के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों की नीतियों का एआईएसएफ विरोध करती है तथा छात्र हित में इन फैसलों को वापस लेने की मांग करती है।
मौके पर मौजूद प्रदेश सह-सचिव एहतेशाम प्रवीण ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी विकास विभाग ने एक रेजोल्यूशन जारी किया है। नया रेजोल्यूशन और कुछ नहीं डाउनवर्ड फ़िल्टरेशन थ्योरी है जो वर्ष 1835 में भारत में लार्ड मैकाले द्वारा लागू किया गया था। जिसका उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के लिए सस्ते क्लर्क और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ तैयार करना तथा अपर क्लास का समर्थन प्राप्त करना था। उन्होंने कहा कि एनईपी न्यू वर्जन है डाउनवर्ड फ़िल्टरेशन थ्योरी का। मंशा अस्पष्ट है आसानी से छात्रों/युवाओं को वैचारिक रूप से गुलाम बनाना है। मौके पर छात्र नेता अजय महतो, हामिद अंसारी, राजू कुमार आदि उपस्थित थे।
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