रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। समाजसेवी सेवा देवी ने प्रशासन से मांग की है कि कार्यालयों में प्राप्त होने वाले आरटीआई (सूचना का अधिकार) आवेदनों की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए।
महिला समाजसेविका का कहना है कि यदि आरटीआई आवेदनों का सही तरीके से निस्तारण किया जाए तो विभागीय कार्यप्रणाली की वास्तविक स्थिति आमजनों के सामने आ सकती है। कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारीयों तथा कर्मचारियों की भी पहचान होगी।
समाजसेविका सेवा देवी ने आरोप लगाया कि कई मामलों में गरीब एवं जरूरतमंद की मजबूरी का लाभ उठाया जाता है तथा आरटीआई के माध्यम से मांगी गई सूचनाओं के जवाब को जानबूझकर लंबित रखा जाता है या दबाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उपायुक्त, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तथा संबंधित अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि कार्यालयों में प्राप्त होने वाले आवेदनों को गंभीरता से पढ़ा और उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। कहा कि यदि प्रत्येक आवेदन पर ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई होगी तो आम जनों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा।
समाजसेवी ने 6 अगस्त को एक भेंट में कहा कि वे बोकारो जिला प्रशासन से मांग करती है कि आरटीआई आवेदनों की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कराई जाए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा सूचना देने में जानबूझकर लापरवाही या जवाब दबाने का प्रयास किया गया है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। कहा कि गरीब और जरूरतमंदों की मजबूरी का फायदा उठाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। कार्यालयों में दिए जाने वाले प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से पढ़ा जाए और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
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