अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी के अवसर पर 26 मार्च को सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा मां महागौरी की पूजा की गयी। इसके साथ ही यहां गौमाता का पूजन किया गया।
आज के दिन गौमाता का पूजन शुभ माना जाता है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि और शांति आती है। उपरोक्त जानकारी बाबा हरिहरनाथ मंदिर के नंद बाबा ने दी। उन्होंने बताया कि मान्यता है कि इस दिन गौ-सेवा से पापों से मुक्ति मिलती है और बाधाएं दूर होती हैं।
अतः अस्माकम् कर्तव्यम् अस्ति यत वयं धेनूनां रक्षणं सत्कारं च कुर्याम्। गाय में 33 कोटि देवताओं का निवास होता है।
इससे पूर्व पुजारियों एवं मंदिर से जुड़े कर्मियों ने स्वयं सुबह स्नान कर महाअष्टमी पर गौ माता को स्नान कराकर, हल्दी-रोली से तिलक एवं श्रृंगार किया। गौ माता को मेंहदी, बिंदी अर्पित की गई और फूल का माला पहनाया गया। इससे सुख-समृद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है। गाय के माथे पर रोली-चंदन का तिलक लगाया गया, उनके खुरों को धोकर हल्दी और तेल लगाया गया। अक्षत (चावल) और फूल अर्पित किया गया।
गौ माता को गुड़, ताजा चारा, हरा चारा या मीठी पूरी-हलवा का भोग लगाया गया। धूप-दीप जलाकर गौ माता की आरती की गई। इस दौरान ॐ धेनुरूपायै नमः मंत्र का जाप किया गया। मान्यता है कि इस दिन गाय की पूजा करने से 33 कोटि देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।
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