रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड +2 शिक्षक संघ बोकारो जिला सचिव सह वरीय शिक्षक एवं ग्लैडनेस गुरु उपनाम से विभूषित डॉ अवनीश कुमार झा ने कहा है कि कर्म की शक्ति ही मानव जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है।
उन्होंने कहा कि कर्म की सत्ता सबसे प्रभावशाली है और इसके बिना किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की उन्नति में कर्म की भूमिका सर्वोपरि होती है।
डॉ झा ने 7 जून को एक भेंट में कहा कि भारत को विश्व की महाशक्ति बनाने में भी कर्म की शक्ति ही प्रमुख भूमिका निभाएगी। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपने ज्ञान, कौशल और अनुभव का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान किया। उनका मानना है कि केवल ज्ञान अर्जित कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे व्यवहार में उतारना आवश्यक है। कहा कि क्रिया के बिना ज्ञान बोझ के समान हो जाता है।
उन्होंने कहा कि निष्काम भाव से किया गया कर्म मानवता के लिए सबसे बड़ा उपकार है। जीवन को सार्थक बनाने के लिए प्रत्येक इंसान को प्रतिदिन सत्कर्म करने का संकल्प लेना चाहिए। सतत परिश्रम, सकारात्मक सोच और लोककल्याण की भावना से किया गया कार्य न केवल इंसान के जीवन को सफल बनाता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
डॉ झा ने कहा कि जीवन क्षणभंगुर है, इसलिए इसके प्रत्येक क्षण का सदुपयोग आवश्यक है। कहा कि निरंतर अच्छे कर्मों के माध्यम से ही मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है तथा अमरत्व की दिशा में अग्रसर हो सकता है। उन्होंने आमजनों से मानवता, नैतिकता और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।
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