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झारखंड में जलापूर्ति योजनाओं को मिलेगी नई गति-मंत्री

विजय कुमार साव/गोमिया (बोकारो)। राज्य में जलापूर्ति योजनाओं को नई गति दी जायेगी। झारखंड पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने 2 जून को देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के साथ एमओयू हस्ताक्षर समारोह में सहभागिता की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य की राजधानी रांची से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना भी उपस्थित रहें।

बताया जाता है कि इस समझौते के माध्यम से राज्य में संचालित जलापूर्ति योजनाओं को नई गति मिलेगी। राज्य के आधारभूत संरचनाओं को मजबूती प्राप्त होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व तथा मंत्री योगेंद्र प्रसाद के कुशल मार्गदर्शन में झारखंड सरकार राज्य के गांव-गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के अपने संकल्प को प्रभावी रूप से साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि यह एमओयू केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ, सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता और दूरदर्शी पहल का प्रतीक है। कहा कि यह पहल न केवल जलापूर्ति व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि सरकार के हर घर जल के लक्ष्य को धरातल पर उतारते हुए ग्रामीण विकास, जन स्वास्थ्य एवं सामाजिक सशक्तिकरण को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड में जल क्रांति की ओर यह एक ऐतिहासिक एवं निर्णायक कदम है, जो राज्य के समग्र विकास और ग्रामीण समृद्धि के नए अध्याय की आधारशिला बनेगा। साथ ही, झारखंड में संचालित जल जीवन मिशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु केंद्र सरकार से लगभग 6,500 करोड़ की स्वीकार्य केंद्रांश राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह भी किया गया।

ज्ञात हो कि मंत्री योगेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में झारखंड सरकार का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इस समारोह में उपस्थित रहा। प्रतिनिधिमंडल में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव, जल जीवन मिशन झारखंड के निदेशक, इंजीनियर-इन-चीफ तथा मुख्य अभियंता सहित केंद्र व राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल थे।

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