रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो प्रमंडल के वन क्षेत्र से सटे गांवों में स्थित खुले एवं बिना बाउंड्री (पैरापिट) वाले कुओं की पहचान कर उन्हें सुरक्षित बनाने की दिशा में पहल शुरू की गई है।
इस संबंध में वन बचाव समिति के केंद्रीय अध्यक्ष विष्णु चरण महतो ने 28 जुलाई को बोकारो प्रमंडल के सभी संयुक्त वन प्रबंधन समिति (जेएफएमसी) के अध्यक्षों एवं सदस्यों से अपील करते हुए कहा है कि अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे सभी खुले अथवा अधूरे कुओं की सूची तैयार कर आगामी 2 अगस्त तक वन बचाव समिति के केंद्रीय कार्यालय पेटरवार में उपलब्ध कराएं।
उन्होंने बताया कि प्राप्त सूची को संकलित कर बोकारो जिला प्रशासन को अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा, ताकि संबंधित कुओं पर पैरापिट (बाउंड्री) का निर्माण कराया जा सके। इससे वन क्षेत्रों में विचरण करने वाले हाथी, हिरण, भालू सहित अन्य वन्य जीवों के कुओं में गिरकर घायल होने अथवा मृत्यु की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
केंद्रीय अध्यक्ष महतो ने कहा कि वन्य जीवों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। कहा कि कई बार खुले कुओं में गिरने से वन्य जीवों की जान चली जाती है।
यदि समय रहते इन कुओं के चारों ओर मजबूत पैरापिट का निर्माण हो जाए, तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने सभी जेएफएमसी पदाधिकारियों से समय सीमा के भीतर सूची उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि जिला प्रशासन के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई शीघ्र शुरू कराई जा सके। उन्होंने कहा कि वन एवं वन्य जीव संरक्षण के इस अभियान में ग्रामीणों, वन समितियों और प्रशासन के समन्वय से बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे तथा मानव-वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आएगी।
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