रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। प्रचंड गर्मी के बीच बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के मधुकरपुर स्थित हड़बांदा तालाब को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में यह तालाब आसपास के मवेशियों एवं ग्रामीणों के लिए पानी का मुख्य स्रोत है। ऐसे समय में ठेकेदारी प्रथा के तहत तालाब को काटने की योजना बनाई जा रही है, जिससे रहिवासियों के सामने जल संकट गहरा सकता है।
ग्रामीणों ने 23 मई को बताया कि पिछले पांच वर्षों में इस तालाब का जीर्णोद्धार कराया गया था, जिससे तालाब में पर्याप्त जल संरक्षण होने लगा था। गर्मी के दिनों में पशुओं को इसी तालाब से पानी मिलता है और आसपास के किसानों को भी इसका लाभ होता है। लेकिन अब तालाब को काटने की योजना से ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तालाब को नुकसान पहुंचाया गया तो क्षेत्र में मवेशियों के लिए पानी की भारी समस्या उत्पन्न हो जाएगी।
रहिवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए तालाब काटने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त से हस्तक्षेप कर मामले की जांच कराने तथा तालाब को सुरक्षित रखने की मांग की है। उनका कहना है कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है और ऐसे जलस्रोतों को बचाना प्रशासन एवं समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
ज्ञात हो कि उक्त तालाब का जीर्णोद्धार वर्ष 2019 में किया गया है, जबकि नियम है कि तालाब को 20 वर्ष के बाद ही योजना की स्वीकृति मिलनी चाहिए। तालाब को इसलिये काटने की योजना बनाई जा रही है ताकि ठेकेदार और संबंधित विभाग को इस योजना से अधिक लाभ मिल सके।
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