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कसमार पीएम आवास योजना में अनियमितता का आरोप, डीसी से जांच की मांग

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार पंचायत की वार्ड सदस्य सेवा देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उपायुक्त (डीसी) से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

वार्ड सदस्या सेवा देवी ने 15 जुलाई को आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कहा कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं और पात्र गरीब परिवारों को न्याय मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि पंचायत के चट्टी गांव की एक बुजुर्ग महिला (दाई मां) ने ग्रामीणों के बीच अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उसकी बहू का नाम पीएम आवास की सूची में नहीं जोड़ा गया। उनका आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वे किसी प्रकार की अवैध राशि देने में सक्षम नहीं थीं, इसलिए उनका नाम सूची से बाहर रह गया।

वार्ड सदस्या ने आरोप लगाया कि पहले अबुआ आवास योजना के दौरान घासी टोला तथा चट्टी के रजक (बंगाली) टोला में लाभुकों से ₹5,000 तक वसूले जाने की चर्चा ग्रामीणों के बीच रही है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार करते हुए कहा कि नाम सार्वजनिक करने से व्यक्तिगत विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी लाभुक की खुशी से मिठाई या सम्मान स्वरूप कुछ दिया जाए तो अलग बात है, लेकिन किसी भी प्रकार का दबाव बनाकर पैसे लेना पूरी तरह गलत है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस बार प्रधानमंत्री आवास योजना में जानबूझकर गड़बड़ी की गई है। उनके अनुसार कई मामलों में वास्तविक आवास का जियो टैग करने के बजाय खाली जमीन, पुराने जर्जर मकान अथवा पशुशाला का जियो टैग कर लाभुकों के नाम जोड़े गए हैं, जबकि वास्तविक पात्र परिवार योजना से वंचित रह गए। वार्ड सदस्या का कहना है कि पंचायत में विकास कार्य सीमित वार्डों तक ही केंद्रित दिखाई देते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों की उपेक्षा की जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत और प्रखंड कार्यालय में दिए गए आवेदनों एवं आरटीआई के जवाब समय पर नहीं मिलते। साथ ही कुछ मामलों में आवेदन पर कार्रवाई के नाम पर अवैध रूप से पैसे मांगने और राजनीतिक प्रभाव के आधार पर कार्य करने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद को योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ मिलना चाहिए तथा सरकार के दिशा-निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन किया जाना चाहिए। कहा कि यदि कहीं भी अनियमितता हुई है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं में अनियमितताओं की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। कई पात्र गरीब परिवार आज भी योजना के लाभ से वंचित हैं। पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि वास्तविक लाभुकों को उनका अधिकार मिल सके और योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे।

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