संवेदक ने स्वीकार की गलती और मरम्मती का दिया आश्वासन
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के अंगवाली दक्षिणी अंतर्गत बेहरागोडा, खांजो पुल के उत्तरी कोना स्थित आदिवासियों का धर्मस्थल (जाहेरथान) को क्षतिग्रस्त होने से आदिवासियों में आक्रोश व्याप्त है।
बताया जाता है कि एक सप्ताह पूर्व तेनु-बोकारो नहर मार्ग चौड़ीकरण व मजबूतीकरण कार्य में कथित संवेदक सह कंपनी की जेसीबी मशीन से उखाड़ दिया गया। जिससे यहां के ग्रामीण खासा नाराज व आक्रोशित हैं। ग्रामीणों की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे मुखिया पति अशोक प्रग्नेत ने बताया कि संवेदक को पूर्व में उक्त धर्मस्थल होने की सूचना दे दी गई थी। जेसीबी चालक ने अनजाने में ऐसा किया। यह गलती संवेदक की ओर से स्वीकारा भी गया और उक्त स्थल की चारों ओर गाड़वाल सहित चबूतरा का निर्माण कराने को आश्वस्त किया गया।
मुखिया पति के अनुसार उक्त स्थल पर गाड़वाल के लिए गड्ढा खोदकर छोड़ा गया है। ग्रामीणों ने 19 अप्रैल को उक्त स्थल पर काफी संख्या में जमा होकर आक्रोश जता रहे थे। कहा कि यहां पर अपने आराध्य की पूजा करने का समय बिल्कुल निकट है। पंचायत के कोई अठारह टोले के ग्रामीण यहां पूजा करते है। ग्रामीण प्रतिनिधियों का कहना है कि कंपनी शीघ्र इसकी मरम्मती कराये अन्यथा वे उग्र होने को विवश हो जाएंगे।
दूसरी ओर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विनय कुमार पांडेय ने फोन पर बताया कि वहां के ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया है कि निश्चय ही निर्माण कराएंगे। शीघ्र ही उक्त स्थल पर कार्य शुरू हो जाएगा। बैठक में मुखिया पति अशोक प्रग्नेत, उप मुखिया मोहन मांझी, जेडी किस्कू, शिक्षक बीरबल मुर्मू, रामप्रसाद प्रग्नेत, दुलीचंद मांझी, शिव सोरेन(नाया पुजारी), बाबूचंद मांझी, निमाई मुर्मू, पुरन मांझी, सुधीर मांझी, साहेबराम, किशोर हेंब्रम, देवीलाल हांसदा, गणेश सोरेन, बंशी सोरेन, राजेंद्र वास्के, मंगल दास, विशेश्वर किस्कू, शंकर प्रगनेत, फूलचंद, रामेश्वर, बिंदेश्वर रजवार, कोलेश्वर हेंब्रम, श्रवण मांझी आदि उपस्थित थे।
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