सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में जगन्नाथपुर अनुमंडल के जैतगढ़ थाना क्षेत्र में एक दंतैल (नर) हाथी की संदिग्ध मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है।
यह घटना कोल्हान वन क्षेत्र के मानिकपुर गांव की बतायी जा रही है, जहां 2 अप्रैल की सुबह ग्रामीणों ने खेतों के समीप एक विशाल हाथी को मृत अवस्था में पड़ा देखा। घटना की खबर फैलते ही ग्रामीण रहिवासियों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचित किया गया, जिसके बाद पशु चिकित्सकों की टीम के साथ विस्तृत जांच शुरू की गई। वन विभाग की प्रारंभिक जांच में हाथी की मौत करंट लगने से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
मौके पर ही नियमानुसार हाथी का पोस्टमार्टम किए जाने की तैयारी की गई है, जिसके बाद शव को दफनाया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में हाथियों के लगातार मूवमेंट और फसलों को नुकसान से बचाने के लिए कई किसान खेतों के आसपास अवैध रूप से बिजली का करंट प्रवाहित कर देते हैं। ऐसी स्थिति में अक्सर वन्य जीव इसकी चपेट में आ जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं।
वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में करंट से मौत की पुष्टि होती है, तो दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर विभाग की नजर बनी हुई है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
![]()













Leave a Reply