रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के विभिन्न प्रखंड क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए समाजसेवी स्वर्णलता ज्ञानेश जायसवाल ने पंचायत स्तर पर तत्काल राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
उन्होंने 25 मई को एक भेंट में कहा कि वर्तमान समय में पड़ रही कड़ाके की गर्मी से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को मिलकर राहत कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि पंचायत के सभी वार्डों में नल-जल योजना की स्थिति की जांच कर खराब पड़े चापाकलों की अविलंब मरम्मत कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
साथ ही गांव के मुख्य चौक-चौराहों, हाट-बाजार, पंचायत भवन एवं बस स्टॉप के समीप शीतल पेयजल की व्यवस्था पंचायत और समाजसेवियों के सहयोग से की जाए।
समाजसेविका स्वर्णलता जायसवाल ने कहा कि पंचायत के स्वास्थ्य उपकेंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र एवं आशा कार्यकर्ताओं के पास पर्याप्त मात्रा में ओआरएस पैकेट एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध रहनी चाहिए, ताकि ग्रामीण रहिवासियों लू लगने की स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार किया जा सके।
उन्होंने पशु-पक्षियों के लिए भी जल प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सार्वजनिक तालाबों एवं पोखरों में पानी का स्तर बनाए रखने की दिशा में पहल होनी चाहिए तथा आमजनों को अपने घरों के बाहर मिट्टी के बर्तनों में पानी रखने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। इसके अलावा मनरेगा मजदूरों और किसानों के हित में दोपहर 12 से 3 बजे तक खुले में कार्य से बचने की अपील की गई।
पंचायत स्तर पर चल रहे निर्माण कार्यों में मजदूरों के लिए छाया और पेयजल की अनिवार्य व्यवस्था करने की मांग भी उठाई गई। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी पर्यावरण असंतुलन का संकेत है। इसलिए आने वाले मानसून में पंचायत के हर खाली स्थान पर अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेना जरूरी है।
अंत में उन्होंने पंचायत के सभी जनप्रतिनिधियों यथा मुखिया, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य एवं वार्ड सदस्यों से अपील की कि वे इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राहत कार्यों को प्राथमिकता दें और आम जनता को गर्मी से राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
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