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झारखंडी संस्कृति और परंपरा का परिचायक है सरहुल पर्व-बबिता

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के सिंहपुर पंचायत करमा खिजरा गांव जाहेर थान में एक अप्रैल को सरहुल महोत्सव का आयोजन किया गया। सरहुल महोत्सव में मुख्य रूप से गोमियां के पूर्व विधायक बबीता देवी शामिल हुईं।

इस अवसर पर पूर्व विधायक बबिता देवी ने सबसे पहले जाहेर थान में बोंगा स्थल पर मत्था टेकी और क्षेत्र की सुख, समृद्धि की मंगलकामना की। पाहन ने उन्हें सखुआ के फूल, महुआ के फूल प्रदान किया और आशीर्वाद दिया। पूर्व विधायक ने आदिवासी मूलवासियो को बाहा बोंगा महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। महोत्सव में पूर्व विधायक ने कहा कि सरहुल झारखंड की पहचान है।

यह परब झारखंड की आदि काल की संस्कृति और परंपरा का परिचायक है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति बेमिसाल है। प्रकृति के उपासक और रक्षक आदिवासियों में प्रकृति उपासना के इस महा परब को लेकर उत्साह एवं उमंग खास होता है।

इस दौरान समिति द्वारा मुख्य अतिथि पूर्व विधायक को फूल माला पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उन्होंने सरहुल महोत्सव में पारंपरिक सामूहिक सरहुल नृत्य में भी भाग लिया और मांदर की थाप पर नृत्य किया। इस दौरान गांव के सैकड़ों ग्रामीण रहिवासी उपस्थित थे।

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