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पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रसाद सिंह की 6ठी पुण्यतिथि पर आज ढोरी में कार्यक्रम

प्रहरी संवाददाता/बेरमो (बोकारो)। पूर्व मंत्री व इंटक नेता स्व. राजेंद्र प्रसाद सिंह ने 40 साल की राजनीतिक यात्रा में सफलता के लिए खुद को कभी आपाधापी में शामिल नहीं किया। उन्होंने प्रतिकूल स्थिति के बावजूद ना तो अपने समाजवादी सिद्धांत के रास्ते से हटे और ना ही पार्टी बदली।

ज्ञात हो कि 80 के दशक में बोकारो जिला के हद में बेरमो कोयलांचल के ढोरी एरिया से श्रमिक राजनीति शुरू करने वाले राजेंद्र प्रसाद सिंह देश के बड़े मजदूर संगठन इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री, विधायक व मंत्री की कुर्सी तक पहुंचे। इंटक की अंतर्विरोध में जब धनबाद के पूर्व सांसद स्व. ददई दुबे, ओपी लाल और फुरकान अंसारी की तिकड़ी ने उनके विरोध में राजनीति शुरू की तो वे तनिक भी विचलित नहीं हुए।

उनकी आक्रामक राजनीति का जवाब उन्होंने शांत रह कर दिया। नतीजा यह हुआ कि उस वक्त ददई दुबे अलग-थलग पड़ गये। स्व. सिंह ने एक – एक कर विरोधियों को अपने पाले में कर लिया। कभी भी विरोध व विवादों की राजनीति में उनका विश्वास नहीं रहा। बाहरी-भीतरी की राजनीति नहीं की।

बेरमो कोयला क्षेत्र में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व इंटक नेता बिंदेश्वरी दुबे के उत्तराधिकारी के रूप में खुद को स्थापित किया। वर्ष 1999 में बिहार में लालू-राबड़ी सरकार तथा वर्ष 2014 में झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार बनाने में स्व. सिंह ने अहम भूमिका अदा की थी। वे अविभाजित बिहार में बिंदेश्वरी दुबे मंत्रिमंडल में एक बार राज्य मंत्री तथा लालू-राबड़ी मंत्रिमंडल में कैबिनेट ऊर्जा मंत्री रहे। झारखंड में विपक्ष के नेता व कांग्रेस विधायक दल के नेता रहे। एक बार उत्कृष्ट विधायक के सम्मान से नवाजे गये। वर्ष 2014 में हेमंत सरकार में ऊर्जा, स्वास्थ्य, वित्त के अलावा संसदीय कार्यमंत्री बनाये गये।

स्व. राजेंद्र प्रसाद सिंह कोल इंडिया की सबसे बड़ी कमेटी जेबीसीसीआइ में वेज बोर्ड – चार से लेकर नौ तक में लगातार रहे। इस दौरान कोयला मजदूरों के हित में कई बड़े फैसले कराये। स्पेशल फिमेल वीआरएस स्कीम को लागू कराया। इसके अलावा सीआईएल एपेक्स, जेसीसी, सीआइएल सेफ्टी बोर्ड, सीआइएल वेलफेयर बोर्ड, जेबीसीसीआइ -8 में गठित सब कमेटी में रहे। स्टैंडिंग कमेटी ऑन सेफ्टी इन कोल माइंस तथा डीजीएमएस अवार्ड कमेटी में भी कई वर्षों तक इंटक व फेडरेशन की ओर से प्रतिनिधित्व किया। स्व. सिंह ने बेरमो विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर रिकॉर्ड छह बार जीत दर्ज की थी। उन्होंने बेरमो विधानसभा क्षेत्र से पहला चुनाव वर्ष 1985 में लड़ा और जीत दर्ज की।

इसके बाद लगातार1990, 1995 और 2000 के चुनावों में जीत दर्ज करते रहे. लेकिन वर्ष 2005 में भाजपा के योगेश्वर महतो बाटुल से पराजित हो गये। पुनः वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की और 2014 में मंत्री रहते हुए चुनाव हार गये थे। लेकिन 2019 के विधानसभा चुनाव में पुनः जीत हासिल की थी। दिवंगत राजेंद्र प्रसाद सिंह की 6ठी पुण्यतिथि के अवसर पर 24 मई को ढोरी स्टार्फ क्वार्टर स्थित उनके ज्येष्ठ पुत्र बेरमो विधायक कुमार जयमंगल के आवास में कई कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। सुबह 11 बजे से श्रद्धांजलि कार्यक्रम शुरू होगा। इससे पूर्व पूजा-पाठ होगा। इसके बाद प्रसाद वितरण व दरिद्र नारायण भोज का आयोजन किया गया है।

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