अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। पूर्व मध्य रेलवे के हद में सोनपुर रेल मंडल द्वारा 14 से 18 अप्रैल तक विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर जागरूकता एवं संरक्षण गतिविधियों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
पांच दिवसीय इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को सहेजना और जन-जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। अभियान की शुरुआत में डीआरएम कार्यालय, ब्लैक ब्यूटी पार्क और सोनपुर मेला के रेल ग्राम में स्थापित ऐतिहासिक स्टीम लोकोमोटिव, बॉयलर और अन्य धरोहर सामग्रियों की व्यापक सफाई, पेंटिंग और स्प्रूसिंग की गई। इससे इन ऐतिहासिक वस्तुओं के आकर्षण और उम्र में वृद्धि हुई है।
हाजीपुर स्थित धरोहर ग्राम की आर्ट्स गैलरी में सौंदर्यीकरण
सारण जिला के सटे वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर स्थित पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय के धरोहर ग्राम की आर्ट्स गैलरी में प्रदर्शित एमजी कोचों और लोकोमोटिव का सौंदर्यीकरण किया गया, ताकि आगंतुक रेलवे के गौरवशाली इतिहास को और करीब से महसूस कर सकें। इसी तरह ट्रेनिंग स्कूल सोनपुर में स्कूली बच्चों और स्काउट एवं गाइड के लिए स्टोरी टेलिंग (कथा वाचन) कार्यक्रम आयोजित किया गया। फोटो गैलरी के माध्यम से बच्चों को भारतीय रेल की विकास यात्रा और इसके ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया गया।
विशेष चर्चा सत्र के क्रम में बीते 17 अप्रैल को इस वर्ष की थीम संघर्ष और आपदाओं के संदर्भ में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया पर एक गंभीर विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया गया। इसमें आपदा की स्थिति में धरोहरों की सुरक्षा के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। वहीं 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस के मुख्य अवसर पर कार्यक्रमों का समापन किया गया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को रेलवे की विरासत के प्रति संवेदनशील और प्रतिबद्ध रहने की शपथ दिलाई गई।
सोनपुर रेल मंडल की यह पहल न केवल पुरानी यादों को संजोने का प्रयास है, बल्कि भारतीय रेल की गौरवशाली विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।
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