प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। परिवारजनों की क्षुधा पूर्ति व् बेहतर जीवन पाने की लालसा लेकर प्रदेश कमाने जानेवाले प्रवासी मजदूरों के लगातार मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।
इस क्रम में झारखंड के हजारीबाग जिला के हद में विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के सारुकुदर पंचायत के चिंहुटिया के एक प्रवासी मजदूर की महाराष्ट्र के पुणे चाकन में काम के दौरान बिल्डिंग से गिरने से बीते 2 अप्रैल को मौत हो गई।प्रवासी मजदूर की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के सारूकुदर पंचायत के चिहुंटिया रहिवासी नेहाल महतो के 40 वर्षीय पुत्र नुनुचंद महतो की मौत काम के दौरान बिल्डिंग से गिरने से हो गई।वह पिछले 15 वर्षों से पुणे में राजमिस्त्री का काम करता था और अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उक्त घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे पत्नी धनेश्वरी देवी, 20 वर्षिया पुत्री देवंती कुमारी, 15 वर्षिया कंचन कुमारी और 18 वर्षीय पुत्र राकेश कुमार समेत भरापूरा परिवार छोड़ गया है।
नुनुचंद के मौत की सूचना मिलने पर प्रवासी मजदूर के हित में कार्य करने वाले क्षेत्र के समाजसेवी सिकन्दर अली मृतक के घर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने मृतक के परिवारजनों को ढाढ़स बंधाया। उन्होंने संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि प्रवासी मजदूरों के मौत का यह इकलौता मामला नहीं है। आए दिन देश के दूसरे राज्यों समेत विदेशों में काम के दौरान बगोदर प्रखंड के प्रवासी मजदूरों की मौत के मामले सामने आते रहे हैं।
कहा कि झारखंड के हजारीबाग, बोकारो और गिरिडीह जिले के सैकड़ो बेरोजगार युवा रोजी-रोटी के लिए विदेश समेत देश के दूसरे राज्यों, महानगरों में पलायन करते हैं। वहां राेजगार पाकर वे अपने परिवार का भरण- -पोषण करते हैं। इसी दौरान कई मजदूरों की मौत हो जाती है। इसलिए सरकार को स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराने की दिशा में पहल करने की जरूरत है, ताकि पलायन को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
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