नंद कुमार सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में फुसरो नगर परिषद के चौथे टर्म की पहली सदन की बैठक दो अप्रैल को आयोजित की गयी है। यह बैठक फुसरो नप के सभागार में होना तय हुआ है, जिसमें दस एजेंडा बैठक के लिए नगर परिषद की ओर से तैयार किया गया है। आश्चर्य यह कि कई महत्वपूर्ण योजना को एजेंडा में शामिल नहीं किया गया है।
पहली सदन की बैठक में खानापूर्ति के तौर पर नये वार्ड पार्षदों का परिचय, डोर टू डोर कचड़ा संग्रहण, फुसरो जलापूर्ति विस्तार व मीटर क्रय, स्वच्छता के लिए साफ सफाई, श्रमिक योजना, बस स्टैंड निलामी, नगर परिषद द्वारा बनाये गये नये दुकान का आवंटन करने, चापानल मरम्मति, टोल गेट, हाई मास्ट व स्ट्रीट लाइट मरम्मति व अन्य बिंदु पर चर्चा होगी, परंतु बैठक की एजेंडा में फुसरो शहर के लिए बड़ा नाला का निर्माण, स्थायी बस स्टैंड, सब्जी मंडी, फुसरो बाजार में अकसर होने वाली सड़क जाम की समस्या, पार्किंग व्यवस्था, नगर परिषद का अपना कार्यालय भवन, नमामि गंगें, सॉलिड बायो वेस्ट मैनेजमेंट, राजस्व बढोत्तरी, कारीपानी में जलापूर्ति पाइप लाइन विस्तार, दमकल वाहन की व्यवस्था, मॉडयूलर शौचालय का रख रखाव, शहर के बालू घाटों की निलामी, वायु प्रदूषण, सरकारी भवनों से होल्डिंग टैक्स वसूली, करगली के एमपीआई ग्राउंड से अतिक्रमण हटाने, ऑटो स्टैंड बनाने, फुसरो शहर के लिए प्रवेश द्वार लगाने, वार्डों में स्ट्रीट लाइट लगाने, पीएम आवास योजना, आदि।
फुटपाथ दुकानदारों को बसाने, फुसरो शहर को अतिक्रमण मुक्त करने, आदिवासी गांव ताराबेड़ा व बंधूकबेड़ा गांव को विकसित करने, फुसरो मुख्य पथ का चौड़ीकरण करने, फुसरो शहर का सौंदर्यीकरण करने आदि कई बिंदुओं को शामिल नहीं किया गया है। जबकि, उपरोक्त मांगों को फुसरो शहर की जनता अकसर किसी ना किसी माध्यम से उठाते रहती है। महत्वपूर्ण मांगों को एजेंडे में शामिल नहीं किये जाने से पार्षदों में कई तरह का चर्चा का विषय बना हुआ है।
कहीं फिर से शुरू नहीं हो जाये 2008 की तरह नप में गुटबाजी
ज्ञात हो कि फुसरो नगर परिषद के वर्ष 2008 के चुनाव के बाद वार्ड पार्षदों में गुटबाजी हो गयी थी। इस बार भी कयास लगाया जा रहा है कि कहीं फिर से शुरू नहीं हो जाये वर्ष 2008 की तरह गुटबाजी। क्योंकि, फुसरो नप के उपाध्यक्ष चुनाव में अप्रत्यक्ष हुए मतदान में वोट के अंतर से गुटबाजी देखने को मिला है। नप में कुल 28 वार्ड है, जिसमें उपाध्यक्ष के चुनाव में वार्ड एक की पार्षद रेणु देवी को 14 मत और वार्ड 16 की पार्षद रश्मि सिंह को 13 मत मिले थे। इस चुनाव में जीत का अंतर एक वोट से हुआ था। एक वार्ड पार्षद के मतदान नहीं किये जाने के कारण उपाध्यक्ष का चुनावी नतीजा कुछ अलग हो गया। यदि मतदान करती तो रेणु देवी दो वोट से विजयी होती या फिर रश्मि सिंह के पक्ष में मतदान होता तो चुनाव टाई हो जाता। ऐसे में लॉट्री के माध्यम से चुनाव होता, जिसका नतीजा कुछ भी हो सकता था।
इस बार के सदन की बैठक होगी गहमा गहमी
फुसरो नगर परिषद के चौथे टर्म के सदन की पहली बैठक गहमा गहमी होने का कयास लगाया जा रहा है। कई वार्ड के पूर्व पार्षद फिर से चुनाव जीत कर अपने वार्ड से आये है, जो अपनी बातों को मुखरता के साथ सदन की बैठक में रखने वाले है। इस टर्म में चुनाव जीत कर आने वाले कई वार्ड पार्षद अनुभवी भी है, जो फुसरो शहर के प्रमुख मुद्दों को सदन के माध्यम से उठा सकते है। कई ऐसे भी वार्ड पार्षद है कि अपने वार्ड व क्षेत्र के विकास को लेकर नगर परिषद के खिलाफ आंदोलन में उतरने को तैयार रहेंगे। इस स्थिति में आने वाले पांच सालों में फुसरो नगर परिषद क्षेत्र के विकास की क्या स्थिति रहेगी, यह सदन की बैठकों व धरातल पर उतरने वाले योजनाओं पर दिखेगा।
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