सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में गुवा के योग नगर स्थित श्रीश्री बसंती दुर्गा मां की प्रतिमा का 29 मार्च की देर शाम श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे व् भव्य जुलूस के साथ विसर्जन किया।
बताया जाता है कि देवी देवताओं की प्रतिमा को गुवा बाजार स्थित कारो नदी के कुसुम घाट में विधि-विधान के साथ विसर्जित किया गया। इस दौरान गुवा पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रही।
इससे पुर्व प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा योग नगर से निकलकर प्रीपेड कॉलोनी, गुवासाई, कल्याण नगर, भट्टीसाई, विवेक नगर, कच्छी धौड़ा, रेलवे मार्केट, रामनगर और गुवा बाजार होते कुसुम घाट पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक रहा। विसर्जन के दौरान श्रद्धालु डीजे की धुन पर भक्ति गीतों में सराबोर होकर नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
इससे पूर्व महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला का आयोजन किया और मां दुर्गा की प्रतिमा को सिंदूर अर्पित कर भावभीनी विदाई दी। विसर्जन यात्रा के दौरान रास्ते भर रहिवासी अपने-अपने घरों से निकलकर मां दुर्गा के दर्शन करते हुए नमन करते नजर आए। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
दुर्गा पूजा के संदर्भ मे कमेटी के संरक्षक अरुण कुमार श्रीवास्तव के अनुसार माता की भक्ति में ही शक्ति है। कहा कि विगत 33 वर्षों से लगातार गुवा के योग नगर में विधिवत पूजा आयोजित होती रही है। इस 34 वें वर्ष मे विशेष तौर से पूजा आयोजन के साथ-साथ माता के जागरण का भी आयोजन किया जाता रहा है। श्रीवास्तव ने कहा कि माँ दुर्गा की भक्ति में ही शक्ति है। माँ की भक्ति का प्रताप से मनुष्य जीवन में सफलता प्राप्त करते है।
माँ की सच्ची भक्ति से मन में अद्भुत शक्ति का संचार होता है, जिससे हर कठिनाई से लड़ने का साहस मिलता है। माँ की कृपा से जीवन में ज्ञान, ऐश्वर्य और सुख-शांति आती है। भक्ति के मार्ग पर चलने से व्यक्ति पाप कर्म करने से बचता है और पूर्व के गलत कार्यों के लिए प्रायश्चित कर मुक्ति पाता है। कहा कि जो भी श्रद्धापूर्वक माँ की महिमा गाता है, वह कभी दुखी नहीं रहता। माँ दुर्गा के स्मरण या मंत्र जाप से भक्त के जीवन में कोई भी भय या बाधा नहीं रहती।
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