एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग कोल वाशरी से हटाये गये आवार्डी मजदूरों का 25 मई से कथारा महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालिन भूख हड़ताल दूसरे दिन 26 मई को भी जारी रहा।
अनिश्चितकालिन भूख हड़ताल में आवार्डी मजदूर महेंद्र रजक तथा कालेश्वर प्रजापति बैठे हैं, जबकि उन्हें आवार्डी मजदूर श्रीमती देवी, शिवराम सहित डिवीजन सिंह सहयोग कर रहे हैं। इसे लेकर 27 मई को क्षेत्र के महाप्रबंधक एकेबी सिंह के साथ समझौता वार्ता होने की बात कही जा रही हैं।
ज्ञात हो कि बीते वर्ष झामुमो नेता मुमताज आलम के नेतृत्व में आवार्डी मजदूरों ने नियोजन की मांग को लेकर महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल शुरु की थी, जिसे तत्कालीन महाप्रबंधक संजय कुमार के आग्रह पर राज्य के मंत्री योगेंद्र प्रसाद के हस्तक्षेप के बाद बेरमो के प्रखंड विकास पदाधिकारी मुकेश कुमार ने पहल करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त कराया गया था। इस दिशा में सीसीएल मुख्यालय पर भी आंदोलन के पश्चात पहल की गयी। बावजूद इसके किसी भी आवार्डी मजदूरों को आजतक नियोजन नहीं दिया गया। इसे लेकर 25 मई को पुनः आवार्डी मजदूरों ने भूख हड़ताल शुरु कर दी।
इस बावत झामुमो नेता मुमताज़ आलम ने 26 मई की संध्या दूरभाष पर कहा कि सीजीआईटी नंबर वन तथा केश नंबर 58/1992 के प्रावधानो के तहत सीसीएल प्रबंधन अबतक आवार्डी मजदूरों का सत्यापन नहीं कर पायी है। कहा कि प्रबंधन की गलत नीतियों का खामियाजा आवार्डी मजदूरों को भुगतना पर रहा हैं। ऐसे में उनके पास यही विकल्प शेष रह गया है। कहा कि आवार्डी मजदूर बार बार छले जा रहे हैं।
उन्होंने क्षेत्रीय प्रबंधन पर दोहरी नीति अपनाते हुए आंदोलनकारी मजदूर व् उनके बीच दरार पैदा करने का आरोप लगाया। इस बावजूद क्षेत्र के महाप्रबंधक एकेबी सिंह ने भूख हड़ताल पर बैठे आवार्डी मजदूरों से मिलकर हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। वही भेंट में उन्होंने अवार्डी मजदूर तथा मजदूर प्रतिनिधि मुमताज़ आलम के साथ 27 मई को वार्ता आयोजित होने की बात कही तथा कहा कि मसले का हल मिल बैठकर निकाल लिया जायेगा।
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