रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। चास-बोकारो के गौरव, बहुमुखी प्रतिभा के धनी, प्रखर समाजसेवी, साहित्यकार, पत्रकार, विश्व साइकिल पर्यटक एवं स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय मिश्रीलाल जायसवाल की 104वीं जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
जायसवाल समाज (सर्ववर्गीय) बोकारो के अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने 30 जून को कहा कि उनका व्यक्तित्व और कृतित्व सदैव समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। कहा कि एक जुलाई 1922 को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जन्मे मिश्रीलाल जायसवाल ने बचपन से ही संघर्षों का सामना किया। स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहते हुए उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध आवाज बुलंद की। उनकी पुस्तक अंग्रेजों भारत छोड़ो को ब्रिटिश सरकार ने जब्त कर लिया था।
स्वतंत्रता के बाद बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह ने उन्हें शिक्षा विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी, जहां उन्होंने लगभग 302 हिंदी विद्यालयों की स्थापना में योगदान दिया। वर्ष 1952 में उन्होंने गांधीवादी विचारधारा के प्रचार के लिए विश्व साइकिल यात्रा शुरू की और 167 देशों का भ्रमण कर भारत का संदेश फैलाया। दिवंगत का जीवन त्याग, सादगी और मानवता की मिसाल रहा। 11 मई 1998 को उनके निधन के बावजूद उनके आदर्श आज भी समाज को प्रेरित कर रहे हैं।
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