क्षेत्र को मिला वित्तीय वर्ष-26-27 में 10.2 मिलि. टन कोयला उत्पादन लक्ष्य मिला-जीएम
एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में सीसीएल के बीएंडके द्वारा वित्तीय वर्ष-2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 83.58 लाख टन कोयला उत्पादन का आंकड़ा हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
इसके साथ ही बीएंडके क्षेत्र ने बीते वर्ष 24-25 के उत्पादन लक्ष्य 71 मिलियन टन को पार करते हुए 18 प्रतिशत के ग्रोथ के साथ 83.58 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया।
बीएंडके जीएम संजय कुमार झा ने एक अप्रैल को करगली स्थित आफिसर्स में प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि एरिया अपने सभी पुराने उत्पादन रिकार्ड को तोड़ते हुए नया कृतिमान स्थापित किया है। कहा कि सीसीएल मुख्यालय से एरिया को वित्तीय वर्ष में 11.8 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य मिला था, इसके अनुरूप एरिया 83.58 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया है। वहीं ओबी 131 लाख टन क्यूबिक मीटर के जगह 80.96 क्यूबिक मीटर निस्तारण करते हुए पिछले वर्ष की तुलना 20 प्रतिशत का ग्रोथ प्राप्त किया। जबकि कोल डिस्पैच में पिछले वर्ष की तुलना इस वर्ष 30 प्रतिशत के ग्रोथ के साथ 77.43 मिलियन टन हासिल किया। वहीं रैक लोडिंग में पिछले वर्ष की तुलना 93 प्रतिशत ग्रोथ के साथ 1662 रैक निकाला गया है।
जीएम झा ने बताया कि बीएंडके क्षेत्र में तीन मिलियन टन कोयला रिजर्व स्टाक है। कहा कि एरिया के कारो, कोनार व जारंगडीह रेलवे साइडिंग से प्रतिदिन सात से आठ रैक निकल रहा है। कहा कि चलकरी में तीन मिलियन टन का माइंस खोलने की तैयारी की जा रही है, जिसका पीआर तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि सीसीएल बीएंडके एरिया के एकेकेओसीपी (खासमहल) परियोजना का कोयला उत्पादन लक्ष्य 75 लाख टन था, जिसमें 51 लाख टन किया। ओबी 37.15 क्यूबिक मीटर, डिस्पैच 45.93 लाख टन एवं रैक 931 निकासी हुआ। कहा कि कारो परियोजना का लक्ष्य 45 लाख टन था, जिसमें 31.69 लाख टन उत्पादन किया। ओबी 41.46 क्यूबिक मीटर, डिस्पैच 31.49 एवं 729 रैक निकासी की गई।
इसी क्रम में बोकारो कोलियरी परियोजना का लक्ष्य तीन लाख था, जिसमें 78.5 हजार टन उत्पादन किया। वहीं ओबी 3341 क्यूबिक मीटर निस्तारण किया। प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बीएंडके क्षेत्र को 10.2 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है, इसके लिए अभी से रणनीति तैयार की जा रही है और उत्पादन बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। ज्ञात हो कि बेरमो कोयलांचल में बीएंडके क्षेत्र की इस शानदार उपलब्धि को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल है।
शिफ्टिंग व पर्यावरण क्लीयरेंस के कारण कोयला उत्पादन पर पड़ा असर
प्रेस वार्ता में जीएम एस के झा ने कहा कि माइंस के विस्तार के लिए आसपास की आबादी का शिफ्टिंग नहीं हो पाना और पर्यावरण क्लीयरेंस नहीं मिलना लक्ष्य के अपेक्षा कोयला उत्पादन कम होने का कारण है। शिफ्टिंग करने और पर्यावरण क्लीयरेंस हासिल करने की दिशा में पहल की जा रही है।
कहा कि कारो परियोजना प्रभावित कारो बस्ती के विस्थापित को करगली गेट स्लरी पौंड आरआर साइड में जल्द शिफ्टिंग कराई जाएगी। आरआर साइड में डेवलपमेंट का काम लगभग पूरा कर दिया गया है। जल्द ही कारो बस्ती के रैयत विस्थापित को सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ पुनर्वासित किया जाएगा।
प्रेसवार्ता में जीएम ने कहा कि एरिया में कोयला उत्पादन की गति बढ़ाने के लिए सभी अधिकारी कामगार तन्मयता के साथ काम कर रहे हैं। जिसमें जन प्रतिनिधि, विस्थापित, ग्रामीण, स्टेक होल्डर व यूनियन प्रतिनिधियों का भी सहयोग मिल रहा है। कहा कि बेरमो कोयलांचल में सर्वाधिक कोकिंग कोल का भंडार है। यह देश की ऊर्जा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कहा कि वित्तीय वर्ष 26-27 में एरिया लक्ष्य से अधिक कोयला उत्पादन करेगा। मौके पर महाप्रबंधक संचालन के. एस. गैवाल, भू-राजस्व पदाधिकारी शंकर झा, एरिया सेल ऑफिसर वी.एन. पांडेय, प्रबंधक एचआर पी. एन. सिंह मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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