आगामी 30 जून तक सेविका-सहायिकाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। समाज कल्याण निदेशालय एवं आईपीई ग्लोबल के संयुक्त प्रयास से बीते 22 मई को बोकारो के जिला परिषद कार्यालय सभागार में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, लाभार्थियों तक समय पर सहायता राशि पहुंचाने तथा अधिकारियों एवं कर्मियों की कार्यकुशलता को बढ़ाना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन बोकारो के उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ सुमन गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण रांची से प्रशिक्षित होकर लौटी जिला के हद में चास ग्रामीण की महिला पर्यवेक्षिका ममता कुमारी एवं क्षेत्रीय प्रबंधक चिरंजीवी सिंह द्वारा दिया गया। इसमें जिले के सभी महिला पर्यवेक्षकों एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों को योजना से संबंधित प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आगामी 30 जून तक जिले की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं को भी प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि योजना का लाभ अंतिम लाभुक तक समयबद्ध तरीके से पहुंच सके।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र लाभार्थियों की पहचान, ऑनलाइन पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन, भुगतान प्रक्रिया एवं शिकायत निवारण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही योजना के नवीन दिशा-निर्देशों, तकनीकी प्रक्रियाओं तथा क्षेत्रीय स्तर पर आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान पर भी विशेष जानकारी दी गई। उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने महिला पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी को अपने-अपने क्षेत्रों की सेविकाओं एवं सहायिकाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं योजना से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग कर उसका विस्तृत विवरण तैयार करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। कहा कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं धात्री महिला तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन एवं भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। साथ ही अधिक से अधिक महिलाओं को योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाने एवं विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ सुमन गुप्ता ने कहा कि योजना का सफल क्रियान्वयन तभी संभव है, जब संबंधित कर्मी इसके दिशा-निर्देशों को सही तरीके से समझकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का समय पर पंजीकरण, दस्तावेजों का सत्यापन एवं निर्धारित अवधि में लाभ भुगतान सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम में बेरमो के प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी पदाधिकारी मुकेश कुमार, चास की कार्यपालक दंडाधिकारी जया कुमारी एवं सत्यबाला सिन्हा, स्टेट कोऑर्डिनेटर मृत्युंजय नायक, जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं, प्रखंडों के कंप्यूटर ऑपरेटर तथा योजना से जुड़े अन्य कर्मी उपस्थित थे।
ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मातृत्व अवधि के दौरान पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पहले बच्चे के लिए पात्र महिला को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से ₹5,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वहीं पीएमएमवीवाई 2.0 के तहत दूसरे बच्चे के रूप में बच्ची के जन्म पर ₹6,000 की सहायता राशि दी जाती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, पहचान पत्र, गर्भावस्था से संबंधित दस्तावेज एवं मोबाइल नंबर के साथ आवेदन करना होता है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र महिला मातृत्व के दौरान आवश्यक सहायता एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे।
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