एस. पी. सक्सेना/बोकारो। ईसाई धर्मावलंवियों के पावन और गहन प्रार्थना दिवस गुड फ्राइडे के अवसर पर 3 अप्रैल को बोकारो जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने बोकारो के सेक्टर चार स्थित संत मेरी चर्च में प्रार्थना की तथा माता मरियम की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर समस्त *
बोकारोवासियों के लिए शांति, करुणा, सुरक्षा और आंतरिक शक्ति की कामना की।
इस अवसर पर उपायज ने कहा कि गुड फ्राइडे केवल एक प्रार्थना नहीं, बल्कि मानवता के सर्वोच्च आदर्शों – त्याग, क्षमा, प्रेम और निःस्वार्थ सेवा का अमिट संदेश है। उन्होंने कहा कि प्रभु ईशा का अंतिम वचन फादर, फ़ॉरगिव देम; फ़ॉर दे नो नॉट व्हाट दे डू (हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं) हमें क्षमा की उस ऊँचाई तक ले जाता है, जहाँ करुणा ही सबसे बड़ा धर्म बन जाता है।
उपायुक्त ने कहा कि क्रूस के समीप खड़ी माता मरियम की मौन पीड़ा केवल एक माँ का दुःख नहीं, बल्कि समूची मानवता के हृदय में व्याप्त वेदना का सशक्त प्रतीक है। कहा कि यह दृश्य हमें भीतर तक झकझोरता है और यह स्मरण कराता है कि समाज के हर दुःख के पीछे एक संवेदनशील हृदय, एक परिवार और एक मौन संघर्ष छिपा होता है।

उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में, जब समाज अनेक चुनौतियों, असमानताओं और पीड़ाओं से गुजर रहा है, तब गुड फ्राइडे का यह संदेश हमें केवल विचार नहीं, बल्कि कर्म की दिशा देता है। ऐसा कर्म जो पीड़ित के आँसू पोंछे, वंचित को संबल दे और समाज में न्याय, सहानुभूति एवं मानवीय गरिमा को सुदृढ़ करे।
उपायुक्त ने समाज के सभी वर्गो से आह्वान किया कि हम सभी इन मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए एक ऐसे समाज के निर्माण में योगदान दें, जहाँ संवेदना शक्ति बने, सेवा संस्कार बने और मानवता हमारी पहचान बने। अंत में उन्होंने समस्त जिलेवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं सर्वांगीण कल्याण की मंगलकामना की।
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